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कैरियर लैब: जनसहयोग से ले रही है आकार, ग्रामीण परिवेश के बच्चें भरेंगे उड़ान !

आपने लैब के बारे में तो अवश्य ही सुना होगा। अस्पतालों में भी जांच करने के लिए लैब या लैबोरेटरी होती हैं। पर क्या आपने कैरियर लैब के बारे में सुना है, जहां बच्चे पूरी दुनिया के कैरियर के अलग-अलग आयामों और विषयों को समझकर अपना वर्तमान और भविष्य तय कर सकें!

21वीं सदी की इसी कैरियर लैब के विचार को हकीकत का रूप देने में जुटे हैं राजस्थान, अलवर के बंबोरा की ग्रामीण विकास समिति व युवा अंकित अनिल भार्गव। भार्गव बंबोरा गांव के सरकारी विद्यालय में बाबू के पद पर कार्यरत हैं। उनके विद्यालय में उनका पद भले ही छोटा हो, लेकिन वे जिस कार्य को करने में जुटे हैं, वह बड़ा है।

बातचीत के दौरान अंकित बताते हैं,“शुरुआती शिक्षा अलवर से हुई। बाद की पढ़ाई एमआईटी, पुणे से की।पिताजी सरकारी विद्यालय में प्रिंसिपल थे, 2012 में उनके देहांत के चलते सरकारी नियमानुसार मुझे वहां सरकारी नौकरी मिली।

पुणे में पढ़ाई के बाद यह तय था कि भविष्य में मुझे शिक्षा क्षेत्र में कार्य करना है, लेकिन ग्रामीण भारत के किसी सरकारी विद्यालय में पहुंच जाऊंगा ऐसा नहीं सोचा था।

2014 में जब उन्होंने नौकरी ज्वाइन की, तब विद्यालय में जो देखा, उन्हें अच्छा नहीं लगा। मन में विचार आया कि वे इतनी अच्छी जगह से पढ़कर आए हैं, जहां एक साथ हजारों किताबें रखी हुई हैं। यहां तो किताबों के नाम पर अलमारी में गिनती की किताबें हैं, वह भी पढ़ने के लिए नहीं दी जाती। दी गई तो फट जाएंगी। उनकी सोच थी कि बच्चों की ज़िंदगी में उनके आसपास किताबें तो होनी ही चाहिए।

वे कहते हैं,“हमारी पढ़ाई देश के अलग शहरों में हुई है। हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम भारत के गांवों में जाकर बदलाव के लिए अच्छा काम करें। इसी के चलते विद्यालय में पहले आवश्यक काम करवाए। ऑडिटोरियम बनवाया, पूरे प्रांगण में टाइल्स लगवाई, वाशरूम बनवाए, खाने पीने के लिए अलग जगह बनवाईं साथ ही बच्चों को दिल्ली विजिट करवाते हुए पार्लियामेंट म्यूजियम, लाइब्रेरी आदि दिखाई।

2014 में उन्होंने ग्रामीण विकास समिति की नींव रखी। हरचंद गुप्ता अध्यक्ष, फूलसिंह चौधरी सचिव, ग्रामीण शिक्षक राजपाल तक्षक, विद्यालय प्राचार्य वंदना कुमारी जैसे लोह लगातार जुड़े रहकर विद्यालय को 2021 तक 21वीं सदी का आधुनिक विद्यालय बनाने के लिए समर्पित भाव से काम कर रहे हैं।

वे जनसहयोग से डॉ अब्दुल कलाम कैरियर लैब एंड लाइब्रेरी को बनाने में जुटे हैं। अलवर के सबसे बढ़िया स्ट्रक्चर डिजाइनर में से एक अनूपसिंह, हेमंत कुमार गुप्ता व स्केच डिज़ाइन स्टूडियो की इंटीरियर डिज़ाइनर प्रतिनिधि शिप्रा सिंघानिया ने कैरियर लैब का प्रारूप तैयार किया है।

प्रस्तावित कैरियर लैब में उद्यमशीलता, आर्ट, राइटिंग, संगीत, अभिनय, नृत्य, स्थापत्य कला, डिजाइन, मार्केटिंग, शिक्षा व प्रशिक्षण, सामाजिक क्षेत्र में रोजगार, खेलकूद, पत्रकारिता, सामाजिक विज्ञान, कानून शोध, सूचना प्रौद्योगिकी, वित्त, मेडिसन सहित देश-विदेश में अवसरों व प्रतियोगी परीक्षाओं में संभावनाओं के बारे में गतिविधियां आधारित कार्यक्रमों के बारे में भी बताया जाएगा।

कैरियर लैब की जीवंत यात्रा को वहां के विद्यार्थियों को समझाने के लिए अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बेंगलौर ने उन्हें आमंत्रित किया। एमआईटी, पुणे ने कैरियर लैब के विचार को 21वी सदी के अनुरूप बताया।

बी पॉजिटिव इंडिया’ इस कार्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए इसी तरह मिसाल बनकर कार्य करते रहने को प्रेरित करता है।

प्रस्तुति: सुरेंद्र शर्मा

सम्पादन: मोईनुद्दीन चिश्ती

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युवाओं का समूह जो समाज में सकारात्मक खबरों को मंच प्रदान कर रहे हैं. भारत के गांव, क़स्बे एवं छोटे शहरों से लेकर मेट्रो सिटीज से बदलाव की कहानियां लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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