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बिना बिजली के की पढ़ाई, किसान के बेटे को मिली अमेरिकी यूनिवर्सिटी में 100% स्कॉलरशिप

प्रतिभा संसाधनों की मोहताज़ नही होती हैं

यह पंक्तियाँ उत्तरप्रदेश के एक विद्यार्थी पर सटीक बैठती हैं. उनके गाँव में बिजली नही आती हैं और पिता सामान्य किसान है लेकिन हौसलें बुलंद है. उन्होंने अपनी मेहनत से क़िस्मत बदलने का काम किया और अमरीकी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने का मौक़ा मिला. इस गुदड़ी के लाल का नाम है अनुराग तिवारी.

NBT की रिपोर्ट के अनुसार, अनुराग तिवारी ने सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 98.2 फीसदी अंक प्राप्त किए. अनुराग को न्यूयॉर्क की कॉर्नल यूनिवर्सिटी से 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप मिली है. अनुराग ने ह्यूमैनिटी स्ट्रीम चुनी.

कोरोना के चलते उनकी ऑनलाइन क्लास 1 सितंबर से शुरू होंगी. अनुराग को इनका बेसब्री से इंतज़ार है. उसका कहना है, ह्यूमैनिटी पढ़ने के मेरे फ़ैसले पर कई लोगों ने सवाल उठाए क्योंकि उन्हें लगता था कि यह लड़कों के लिए नहीं है.”

अनुराग ने पांचवी क्लास तक पढ़ाई लखीमपुर खीरी से 60 किमी दूर अपने गांव में ही की. इसके बाद उन्होंने उसने विद्या ज्ञान में एडमिशन के लिए एंट्रेस एग्ज़ाम क्वालीफ़ाई किया और वहां पढ़ाई की. (ये यूनिवर्सिटी ग्रामीण उत्तर प्रदेश के आर्थिक रूप से कमज़ोर बच्चों को चुनती है.

अपनी सफलता पर अनुराग कहते हैं, “2013 में एक कॉल लेटर ने मेरी दुनिया बदल दी. मुझे मेरे मेहनती माता-पिता से बड़े सपने देखने की प्रेरणा मिली. मेरी तीन बड़ी बहनों ने मुझे सपोर्ट किया, जो चाहती थीं कि मैं वर्ल्ड क्लास एजुकेशन लूं.”

आपको बता दे कि अनुराग मैथ्स और इकोनॉमिक्स की पढ़ाई करेंगे, उन्होंने नौवीं कक्षा से ही SAT की तैयारी शुरू कर दी और आज इसमें सफलता हासिल की.

बी पॉजिटिव इंडिया’, अनुराग तिवारी को सफलता पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है.

( मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित )

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युवाओं का समूह जो समाज में सकारात्मक खबरों को मंच प्रदान कर रहे हैं. भारत के गांव, क़स्बे एवं छोटे शहरों से लेकर मेट्रो सिटीज से बदलाव की कहानियां लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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