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EFI : गूगल की नौकरी छोड़ अब तक 93 तालाब और झील साफ कर चुके हैं अरुण कृष्णमूर्ति!

बदलाव की शुरुआत खुद से होती हैं और यह किया हैं चेन्नई के रहने वाले नौजवान ने. देश की सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों पर कचरा देखते हैं तो अक्सर लोग मुंह फेर देते हैं. लेकिन इस युवा को यह बिल्कुल भी पसंद नहीं था. चेन्नई जो इस साल भूमिगत पानी की किल्लत के चलते सुर्ख़ियों में रहा. उसकी वजह चेन्नई के जलाशयों की समुचित तरीके से देखभाल नहीं करना हैं. चेन्नई में झील एवं जलाशयों का जाल था लेकिन बेहताशा कंस्ट्रकशन और जाल-स्श्रोतों के प्रति बेरुखी ने चेन्नई को इस हाल में ला दिया हैं.

इस समस्या के समाधान के लिए इस नौजवान ने गूगल की नौकरी छोड़ी और जुट गया चेन्नई के जलाशयों को साफ़ करने में. कुछ लोगो से शुरू हुआ यह अभियान एक आंदोलन बन चूका हैं और अब तक 93 से ज्यादा तालाब एवं झीलों की सफाई की जा चुकी हैं. इस अभियान को साकार रूप देने वाले युवा का नाम हैं अरुण कृष्णमूर्ति ( Arun Krishnamurthy ).

Pond cleaning by Team EFI
जलाशय की सफाई करती हुई टीम EFI | Photo Credits : EFI Facebbok Page

अरुण ने Environmentalist Foundation of India (EFI) के जरिये चेन्नई के साथ ही देश के 14 राज्यों में काम किया हैं. 2007 में शुरू हुए इस संगठन ने जलाशयों से कचरे के साथ ही हानिकारक पदार्थ जैसे प्लास्टिक , रबर एवं अन्य पदार्थ निकालते हैं. इसके बाद जलाशय को पुनः गन्दा होने से बचाने के लिए काम किया जाता हैं.

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अरुण आईएएनएस को बताते हैं कि चेन्नई में पले-बढे होने के कारण झीलों एवं जलाशयों से करीबी रिश्ता रहा. अपनी शानदार नौकरी छोड़ने के पीछे इन जलाशयों में कचरे की जगह मेंढक, मछलियां एवं पक्षियों के साथ ही हरियाली देखना चाहते थे. जब काम शुरू किया तो लोकल प्रशासन के साथ ही लोगों का साथ मिला. इसके बाद काम बढ़ता गया और आज एक बड़ा आंदोलन बन चूका हैं.

Cleaning Impact for Pond
Photo Credits : EFI Facebook Page

अरुण बताते हैं कि हम राज्य एवं केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करते हैं. अपने संस्थान EFI के जरिये जलाशय को साफ़ करने के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करते हैं. हमें ख़ुशी हैं कि सरकार भी ऐसे कामों को बढ़ावा देती हैं और हमें सारे डाक्यूमेंट्स एवं परमिशन भी मिलती हैं. हम व्यक्तिगत दान स्वीकार नहीं करते है लेकिन अगर कोई स्वयंसेवी के रूप में जुड़ना चाहे तो जुड़ सकता हैं.

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EFI से अभी स्कूल एवं कॉलेज के छात्रों से लेकर सीनियर सिटीजन तक जुड़े हुए हैं. ‘Volunteer for India and her Environment with EFI‘ अभियान के जरिये स्वयंसेवी हमसे जुड़ते हैं. इसके साथ ही समाज में जागरूकता के लिए ‘Cyclakes‘ एवं ‘Wall-E‘ जैसे अभियान चलाये जा रहे हैं. बच्चों को झील के किनारों पर cycling से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर पर्यावरण से संबधित पेंटिंग की जाती हैं.

Wall Painting by EFI Team
दीवारों पर पेंटिंग बना कर पर्यावरण सरंक्षण का सन्देश देती हैं टीम EFI | Photo Credits : EFI Facebbok Page

समाज में जागरूकता बढ़ने के साथ कई लोग हमसे जुड़ रहे हैं. सरकारों के साथ ही कई निजी आर्गेनाइजेशन एवं ग्रुप्स जैसे हिंदुजा फाउंडेशन, मुरुगप्पा ग्रुप, श्रीराम ग्रुप शामिल हैं. चेन्नई से निकलकर मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, पुणे, हैदराबाद, कोयम्बटूर, पुडुचेरी, तिरूवंतमपुरम, अहमदाबाद और बेंगलुरु के साथ ही कई शहरों में 35 से ज्यादा सक्रिय प्रोजेक्ट पर इनकी संस्था काम कर रही हैं.

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अरुण लोगो से पर्यावरण बचाने की अपील करते हुए कहते हैं कि भारत का पर्यावरण बहुत ही शानदार हैं. हमें इसे बचाने के लिए हमारे इतिहास से सींखना चाहिए. इसी के साथ हमें सक्रिय रूप से इनके सरंक्षण के लिए काम करना चाहिए.

अगर आप भी अरुण कृष्णमूर्ति या ‘EFI‘ से जुड़ना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करे !

बी पॉजिटिव इंडिया, अरुण कृष्णमूर्ति और EFI की पूरी टीम के कार्यों की सराहना करता हैं और उम्मीद करता हैं कि आप से प्रेरणा लेकर देश के जलाशयों की स्थिति में सुधार आएगा.

( डिस्क्लेमर : यह पोस्ट मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं. बी पॉजिटिव इंडिया (Be Positive India) इस कहानी में दिए गए तथ्यों की पुष्टि नहीं करता हैं. अगर आपको कहानी में दी गयी जानकारी से आपत्ति हैं तो हम से media.bepositive@gmail.com पर संपर्क करे ! )

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News Deskhttps://www.bepositiveindia.in
युवाओं का समूह जो समाज में सकारात्मक खबरों को मंच प्रदान कर रहे हैं. भारत के गांव, क़स्बे एवं छोटे शहरों से लेकर मेट्रो सिटीज से बदलाव की कहानियां लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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