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मिट्‌टी की कलाकृतियों से कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ आवाज़ उठा रही है ओडिशा की कलाकार !

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता

संस्कृत के इस वाक्य का अर्थ है : जहाँ नारी की पूजा होती है, वहां पर देवता निवास करते है. भारतीय संस्कृति में नारी को ईश्वर का रूप माना गया है लेकिन देश का दुर्भाग्य है कि बेटियों को जन्म से पहले ही गर्भ में मार दिया जाता है. विज्ञान का काम मनुष्य के जीवन को आसान बनाना है लेकिन इसके दुरुपयोग ने देश के कई हिस्सों में लैंगिक अनुपात के हालात बिगाड़ दिए हैं. इसी समस्या के भयावह रूप को कला के जरिये लोगो के सामने रखने के लिए एक कलाकार काम कर रही हैं.

कला के माध्यम से वो कन्या भ्रूण हत्या के सच को सभ्य समाज के सामने ला रही हैं. ओडिशा की कलाकार बिश्वजीत मोहराणा कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ लोगों को जागरुक कर रही हैं. वे मिट्‌टी और शिरामिक से नवजात बच्चियों के चेहरे बनातीं हैं. फिर उन पर रंगों से भ्रूण को हुई तकलीफों को उकेरती हैं.

Clay Art by Biswajeeta Moharana
मिट्टी और सिरेमिक से बनाती है मूर्तियां | तस्वीर साभार : एएनआई

बिश्वजीत मानती है कि कलाकृतियां लोगों पर मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक असर छोड़ती हैं। इसलिए मैंने इस माध्यम को चुना. बेटी जिंदगी में प्यार और उम्मीद का तोहफा है.एक बेटी एक साथ दो परिवारों में खुशियां बिखेरती हैं. फिर भी बेटियों को गर्भ में या फिर जन्म के बाद मारकर मेडिकल वेस्ट बनाया जा रहा है.

वह बताती हैं कि 2007 में एक गड्‌ढे में 60 कन्याओं के भ्रूण पाए गए थे. इस खबर ने मुझे इस बुराई के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा दी. पिछले साल उन्होंने भुवनेश्वर आर्टिस्ट एसोसिएशन की प्रदर्शनी में भी भाग लिया था. उन्होंने अपने प्रोजेक्ट का नाम लक्ष्मी की अनकही कहानी (द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ लक्ष्मी) रखा, जो काफी चर्चित भी हुआ.

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बिश्वजीत के मुताबिक, देश में भले ही लक्ष्मी की पूजा होती हो, लेकिन वह सुरक्षित नहीं है. एक लड़की जो आने वाले समय में सभ्यता की धुरी बनती हैं, उसे गर्भ में मारा जा रहा है.

विश्व भारती विश्वविद्यालय से पास आउट 35 साल की बिश्वजीत का मानना है, “मेरे काम का पूरा फोकस गर्भ में लिंग जांचकर बेटियों की हत्या रोकने को लेकर है. चूंकि कला का प्रभाव सीधे लोगों पर और जल्दी पड़ता है. इसलिए मैंने यह माध्यम चुना है.” वह कई शहरों में सामाजिक सांस्कृतिक संगठनों द्वारा सम्मानित हो चुकी हैं.

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बी पॉजिटिव इंडिया, बिश्वजीत मोहराणा के कार्यों की सराहना करता है और उम्मीद करता है कि आप से प्रेरणा लेकर देश में कन्या भ्रूण हत्या में कमी आएगी.

Disclaimer : यह कहानी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है और बी पॉजिटिव इंडिया (Be Positive India) इस कहानी में दिए गए तथ्यों की पुष्टि नहीं करता हैं. अगर आपको इस पोस्ट में दी गयी जानकारी से आपत्ति है तो हमें media.bepositive@gmail.com पर ईमेल कीजिये.

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युवाओं का समूह जो समाज में सकारात्मक खबरों को मंच प्रदान कर रहे हैं. भारत के गांव, क़स्बे एवं छोटे शहरों से लेकर मेट्रो सिटीज से बदलाव की कहानियां लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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