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उम्र को झुठलाने में जुटे हैं ‛क्लब-60’ के युवा बुज़ुर्ग, प्रधानमंत्री मोदी भी कर चुके है प्रशंसा

club 60 Meerut : ज्ञान, अनुभव और उम्र जब तीनों एक साथ बढ़ते हैं तो उम्र बढ़ने के साथ-साथ आनंद और हृदय में शन्ति भी बढ़ने लगती है, बशर्ते वक्त को सकारात्मक कार्यों में लगाया जाए। उम्र बढ़ने के साथ-साथ जहां शारीरिक शक्ति क्षीण होने लगती है, वहीं मानसिक शक्ति काफ़ी बढ़ जाती है। बुढ़ापे में ही जीवन के असली मायने समझ आते हैं। कहते हैं कि शरीर भले ही बूढ़ा हो जाए, पर मन और दिल कभी भी बूढ़ा नहीं होना चाहिए। सम्भवतः जीवन का असली आनन्द लेने की यही शर्त है।

ऐसे ही कुछ विचारों के धनी मेरठ, उत्तर प्रदेश के 2 मित्र महेश रस्तोगी व हरि बिश्नोई हैं। अपनी नौकरियों से मिली सेवानिवृत्ति के बाद खाली समय के सकारात्मक सदुपयोग के लिए वरिष्ठ नागरिकों का एक संगठन ‛क्लब-60’ बनाया, ताकि व्यस्त, स्वस्थ और मस्त रह सकें।

आज इस क्लब में 60 साल की उम्र से लेकर 78 साल तक के 15 बुजुर्ग सदस्य हैं, जो अपने इरादों से युवाओं को मात देते हैं। ‛क्लब 60’ के सदस्य खुद को व्यस्त और स्वस्थ रखने के लिए रोज सुबह न सिर्फ योग, व्यायाम व सैर करते हैं, बल्कि वृक्षारोपण, कचरा प्रबंधन, कम्पोस्टिंग, जल संरक्षण, अभावग्रस्त बच्चों की शिक्षा में सहायता, पुरानी बेकार चीजों को सुधार संवारकर उनका पुनः उपयोग, पॉलीथिन मुक्ति, पक्षी आवास व उनका दाना पानी जैसे 15 से अधिक विभिन्न कार्यों से जुड़े हैं।

वरिष्ठ नागरिकों का एक संगठन हैं ‛क्लब-60’

देशव्यापी लॉक डाउन के दौरान इन बुजुर्गों ने 21 हजार रुपए प्रधानमंत्री कोष में जमा करवाए, बेसहारा बुजुर्ग को लगातार दोनों वक्त का भोजन करवाया, गायों को चारा व जयहिंद सोसायटी के सहयोग से 330 जरूरतमन्दों को सूखा राशन उपलब्ध करवाने में भी अग्रणी भूमिका निभाई। साथ ही ‛ग्रीन इहा स्माइल क्लब’ के साथ मिलकर 5 विषयों पर राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन प्रतियोगिता भी आयोजित की।

हालांकि रिटायरमेंट के बाद अधिकतर लोग आराम करना पसंद करते हैं, लेकिन कुछ लोग जनहितार्थ कार्य करते हैं। दिसंबर 2013 में आई फ़िल्म ‛क्लब-60’ से प्रेरित होकर रिटायर्ड बैंक मैनेजर महेश रस्तोगी ने 15 जुलाई 2015 को यह क्लब बनाया। इस क्लब के सभी सदस्य आज समाज को एक नई दिशा देने में जुटे हैं।

इनके कार्यों की सबसे बड़ी जीत उस वक़्त हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 जून, 2019 के कार्यक्रम ‛मन की बात’ में इस क्लब के जल सरंक्षण कार्यों की 7 फोटोज दिखाए गईं। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने अक्टूबर 2019 में ‘वाटर हीरो अवार्ड‘ प्रदान किया जिसके तहत 10 हजार रुपए भी मिले।

मन की बात कार्यक्रम के हुआ क्लब-60 का जिक्र

बातचीत के दौरान महेश रस्तोगी बताते हैं कि वे अपनी ‛जयहिंद आवास सोसायटी’ के सचिव भी हैं। वे इस कालोनी व पार्क के 110 पेड़ों व 2000 पौधों की पत्तियों, कटिंग्स व घास आदि के कूड़े को निगमकर्मियों द्वारा नियमित रूप से न उठाए जाने की समस्या को लेकर परेशान थे। आख़िरकार तंग आकर उन्होंने ‛नेशनल सेंटर फॉर ऑर्गेनिक फार्मिंग’ के वेस्ट डी कम्पोजर की मदद से इस हरे कूड़े से वैदिक कम्पोस्ट बनाकर कूड़े के उदगम पर ही उसे निपटाने का नायाब तरीका ढूंढ निकाला।

क्लब के सदस्य हरि बिश्नोई बताते हैं, वर्मी कम्पोस्ट बनाने में करीब 10 हजार रुपये व पुरानी पिट तकनीक से कम्पोस्ट बनाने में डेढ़ से दो साल का समय लगता है, जबकि इस विधि से मात्र 100 रुपए से भी कम खर्च में 140 दिनों में ही उम्दा कम्पोस्ट बन जाती है। इस खाद से ऑर्गेनिक फल, फूल व सब्जियां उगाई जा रही हैं।

नगर निगम, मेरठ विकास प्राधिकरण के अनेक पार्कों व कई स्कूल कालेजों ने भी कम्पोस्ट बनाने की इस सस्ती व सरल विधि को अपनाया है।

मेरठ की संभागीय आयुक्त ने प्रोत्साहन स्वरूप ‛क्लब-60’ को 200 होम कम्पोस्टर यूनिट्स, नगर निगम की ओर से उपलब्ध करवाए, जिन्हें ‛क्लब-60’ द्वारा किचन के कचरे से कम्पोस्ट बनाने के लिए कॉलोनी के सभी घरों में लगवाया गया। इससे शास्त्री नगर, एच ब्लाक की जयहिन्द सोसायटी, मेरठ उत्तर प्रदेश की पहली कम्पोस्टिकृत सोसायटी बन गई, जहां घर-घर में रसोई से बचे गीले कचरे से कम्पोस्ट बनती है। स्वच्छता हेतु चल रही इस मुहिम को विस्तृत करते हुए आसपास में सफाई रखने हेतु सभी को प्रेरित किया जा रहा है।

क्लब-60 के द्वारा चलाया जा रहा है कई कार्यक्रम

स्वच्छता अभियान 2018 की वार्ड प्रतियोगिता में इनका वार्ड 26 पूरे जिले में प्रथम रहा। इस पुरस्कार स्वरूप वार्ड विकास के लिए 11 लाख रुपये की राशि मिलना प्रस्तावित है। अपने पार्क व कॉलोनी में जीरो वेस्ट मॉडल बनाने के लिए अब तक ‛क्लब-60’ को जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, मंडल कमिश्नर ,स्वास्थ्य व नगर विकास मंत्री ने भी सम्मानित किया है। 

शहर के टैगोर पार्क में पानी की बचत हेतु बिना किसी सरकारी सहायता के स्प्रिंकलर, ड्रिप इरीगेशन, वाटर स्टोरेज टैंक व कॉलोनी में 4 रेन वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट बनाए गए हैं, जो आपसी सहयोग की एक अनूठी मिसाल हैं।

‛क्लब-60’ के सदस्य रोज़ाना सुबह-शाम 7 बजे से लेकर 8 बजे तक लाफिंग योगा करते हैं। रुचि रखने वालों को वेस्ट डी कम्पोजर का घोल, कम्पोस्ट बनाने की ट्रेंनिग, सरकारी योजनाओं की जानकारी व रोपने के लिए निःशुल्क पौधे वितरित करते हैं।

‛क्लब-60’ के सदस्य व रिटायर्ड इंजीनियर सुधीर शर्मा ने ‛वेस्ट टू आर्ट’ के तहत घिसे टायर, पुराने पाइप, एसीपी शीट व किवाड़ जैसी पुरानी व बेकार चीजों को संवार कर सुंदर ट्री गार्ड, पुष्प वाटिका, जेबरे, बच्चों की हट व फ्लावर स्टैंड आदि के रूप में अत्यंत आकर्षक बना कर टैगोर पार्क में लगाया है।

क्लब-60 के द्वारा चलाया जा रहा है ‘वेस्ट टू आर्ट’ कार्यक्रम

अब जल्द ही औषधीय पौधे, सोलर लाइट व फिट इंडिया अभियान हेतु ओपन जिम के उपकरण लगाने के लिए भी यह युवा प्रयासरत हैं। सोशल मीडिया पर ‛क्लब- 60’ मेरठ के कारनामों से प्रेरित होकर नोगांव, बीड़ और नोएडा आदि में भी वरिष्ठ नागरिकों द्वारा ‛क्लब-60’ का गठन किया गया है।

इस क्लब में जुड़े बुजुर्गों ने किसी तरह का कोई पद नहीं लिया है, न ही इस क्लब से जुड़ने के लिए कोई सदस्यता शुल्क है। शून्य आधारित बजट व आपसी सहयोग से काम होता है। सभी लोग कार्य की शुरुआत पेंशन से करते हैं। फिर भी यदि कोई इच्छा से सहयोग करे तो स्वीकारते हैं, मगर सरकारी ग्रांट लेने या क्राउड फंडिंग जैसा कुछ नहीं चाहते।

क्लब-60’ से जुड़े इन बुजुर्ग युवाओं का समाज के नाम यही संदेश है कि यदि हर देशवासी अपने कर्तव्य पालन करते हुए अपना व अपने आसपास सुधार की दृष्टि से  सजग रहकर देश को बदलने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने पर उतर आए तो बेहतर राष्ट्र के निर्माण कोई रोक नहीं सकता।

आप भी इस मुहिम से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करे !

प्रस्तुति: मोईनुद्दीन चिश्ती (देश के वरिष्ठ लेखक – पत्रकार हैं और अपनी सकारात्मक लेखनी के लिए ख़ासे लोकप्रिय हैं)  

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MOINUDDIN RBS CHISHTY
लेखक स्वतंत्र कृषि एवं पर्यावरण पत्रकार हैं। वे अपनी सकारात्मक लेखनी के लिए देशभर में लोकप्रिय हैं।

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