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किसान ने एक लाख रुपये खर्च कर 10 प्रवासी मजदूरों काे विमान से घर भेजा

Delhi farmer send migrants through plane : देश में जारी लॉकडाउन के चलते शहराें में लाॅकडाउन में फंसे मजदूराें काे उनके मालिकाें ने अपने हाल में जीने पर छाेड़ दिया. न पूरा वेतन दिया और न ही राशन. नतीजतन प्रवासी मजदूर परिवार के साथ पैदल चलकर अपने घराें काे लाैटने पर मजबूर हाे गए लेकिन, दिल्ली के बख्तावरपुर इलाके के तिग्गीपुर के मशरुम किसान पप्पन सिंह गहलोत ने बिहार के 10 प्रवासी मजदूराें काे दिल्ली में अपने पास लॉकडाउन में दाे माह तक रखा.

बिहार के समस्तीपुर जिले के खानपुर के श्रीपुर गाहर व आसपास के गांव के करीब 50 मजदूर अगस्त में प्रगतिशील किसान गहलाैत के यहां मशरुम की खेती करने के लिए जाते हैं. गहलोत ने लॉकडाउन में मजदूरों को न केवल खाना-पानी दिया बल्कि उनके घर-परिवार वालो को पैसा भी भेजा.

प्रवासी मजदुर अपने घर पर पहुंचने के बाद

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक 10 प्रवासी मजदूराें को दिल्ली से इंडिगाे की फ्लाइट 6ई494 का टिकट देकर पटना भेज दिया. गहलाैत इन लाेगाें काे दिल्ली एयरपाेर्ट छाेड़ने भी आए थे. गहलाैत ने हरेक का टिकट 6800 रुपए में खरीदा था. इसके साथ ही उन्होंने हरेक काे पटना से कार से घर जाने और खाने-पीने के लिए 3-3 हजार भी रुपए दिए.

इन प्रवासी मजदूराें ने बताया कि हाेली पर 40 मजदूर घर लाैट गए. मार्च के आखिर में हमलाेग भी आ जाते पर लाॅकडाउन लग जाने से फंस गए. गहलाैत ने भराेसा दिलाया कि खाना-पानी सब मिलेगा. घर पैसा भी भेजे देंगे. हम लाेगाें ने उनसे कहा कि श्रमिक ट्रेन से भेज दीजिए पर भीड़ और काेराेना संक्रमण के चलते मना कर दिया. उन्हाेंने हम सबाें का काेराेना टेस्ट भी कराया, फिर विमान से यहां भेज दिया.

इधर, गहलोत ने बताया कि करीब 30 साल से समस्तीपुर व आसपास के मजदूर हमारे यहां खेती करने काे आ रहे हैं. ये उनकी दूसरी पीढ़ी है. श्रमिक ट्रेन या बसों में इतनी भीड़ थी कि उन्हें भेजना ठीक नहीं था. हमसे जाे हुआ मैंने किया. उनके खाने-पीने में काेई कमी नहीं की. इनका मेडिकल भी कराया. मैंने अपना फर्ज निभाया.

बी पॉजिटिव इंडिया, किसान पप्पन सिंह गहलोत के कार्यों की सराहना करता है और उम्मीद करता है कि आप से प्रेरणा लेकर देश के अन्य लोग भी प्रवासी मजदूरों की मदद करेंगे.

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News Deskhttps://www.bepositiveindia.in
युवाओं का समूह जो समाज में सकारात्मक खबरों को मंच प्रदान कर रहे हैं. भारत के गांव, क़स्बे एवं छोटे शहरों से लेकर मेट्रो सिटीज से बदलाव की कहानियां लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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