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डॉ रवि रंजन: पर्यावरण के साथ ही सामाजिक समस्याओं को कर रहे हैं हल

आप अपने वैवाहिक जीवन जी शुरुआत कैसे करते हैं? यह एक ऐसा सवाल जिसका जवाब होगा कि यह कैसा सवाल है? आप इस सवाल का जवाब अपने मन में दीजिएगा की अपनी शादी के दिन आपने कौनसा ख़ास कार्य अंजाम दिया था!

बिहार के बांका जिले में रहने वाले डॉ रवि रंजन की शादी
अनुपम कुमारी से 28 नवम्बर, 2012 में हुई। उस दिन उन्होंने
आम का एक पौधा लगाकर अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की थी। डॉ रंजन पेशे से अध्यापक हैं। शादी, श्राद्ध, जन्मदिन या खुशी के अन्य पर्वों पर ना केवल खुद पौधे लगाने वाला यह इंसान दूसरे लोगों से भी पौधारोपण करवा उन्हें पेड़ बनवा रहा है।

हरित रजौन के ज़रिए पर्यावरण बचाने की कोशिश कर रहे है रंजन

बांका, भागलपुर और गोड्डा जिले में ऐसे 2,500 पौधे आज पेड़ बन गए हैं। सामाजिक कार्यों के प्रति इनकी सक्रियता देख रजौन प्रखण्ड के कई युवा इनसे प्रेरित होकर समाज सुधार की मुहिम में उनके साथ हो गए हैं। इन 21 युवाओं ने मिलकर ‛हरित रजौन’ नाम से स्वैच्छिक संस्था बना ली है, जो अपने द्वारा बचत की गई पॉकेट मनी से इस कार्य को अंजाम दे रहे हैं।

हरित रजौन’ ने रजौन प्रखण्ड की प्रत्येक पंचायत में पर्यावरण सरंक्षण हेतु ‛पैदल पद यात्रा’ करते हुए 9,000 घरों में पौधा भेंट कर जन-जन को इस जागरूकता अभियान से जोड़ा। संस्थान द्वारा अब तक विभिन्न अवसरों पर लगभग 21,000 पौधे वितरित किए जा चुके हैं।

पौधा वितरण के दौरान हरित रजौन के सदस्य

सर्दी के दिनों में ‛हरित रजौन’ ने 500 गरीबों को कंबल वितरित किए। संस्थान द्वारा अब तक विभिन्न जिलों की गरीब-दलित बेटियों का सामूहिक विवाह करवाया जस चुका है। अब तक 60 बेटियों का नि:शुल्क विवाह करवा चुके यह हरित योद्धा 51,000 रुपयों का जरूरी समान भी दुल्हनों को भेंट कर चुके हैं।

गत वर्ष 22 दिसंबर, 2019 को मंदार पर्वत पर राष्ट्रीय पर्यावरण मंथन का आयोजन भी इनके द्वारा करवाया गया जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों के पर्यावरण प्रेमियों ने सहभागिता कर अपने विचार रखे।

कोरोना संकट के दौरान किया राशन वितरण

कोरोना जैसी महामारी के समय में 680 घरों तक इस इन युवाओं ने ‛आपके द्वार कार्यक्रम’ के तहत राशन सामग्री पहुंचाई है। साथ ही 100 से ज्यादा राहगीरों को भोजन करवा मानवता का परिचय दिया।

इस वर्ष इन युवाओं ने रजौन की प्रत्येक बस्तियों में पीपल के 5-5 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसकी शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून, 2020 को की जा चुकी है।

बेटियों का निशुल्क विवाह करवा चुके है

लोक परंपराओं में पर्यावरण’ जैसी पुस्तक लिख चुके रंजन की बच्चों के लिए ‛बाल पर्यावरण’ नामक एक अन्य पुस्तक भी जल्द ही छपकर आने वाली है।

डॉ रंजन ने ना केवल सामाजिक कार्यों में अपनी छाप छोड़ी है बल्कि विभिन्न स्कूलों में पर्यावरण संबंधी जागरूकता हेतु रंगोली प्रतियोगिता, पेंटिंग प्रतियोगिता, वाद-विवाद, नुक्कड़ नाटक आदि का समय-समय पर आयोजन भी करवाया है। पर्यावरण से संबंधित कई राष्ट्रीय सेमिनार्स में अपनी बात रखने वाले इस शिक्षक को ‛पर्यावरण योद्धा’, ‛पर्यावरण रत्न’ सहित कई राष्ट्रीय पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं।

नयी पीढ़ी को कर रहे है पर्यावरण के प्रति जागरुक

ब्रजेश कुमार, भानू भारती, विवेकानंद सिंह, सुमित कुमार, सूरज कुमार, कन्हैयालाल सिंह, मिथिलेश कुमार राज, अजीत कुमार राव, रितेश कुमार सिंह, सुजीत कुमार चौधरी, अरविंद कुमार,भवानी शंकर, डॉ ब्रजबिहारी राव, दिलीप कुमार मंडल, नृपेन्द्र कुमार, निलेश कुमार, संतोष कुमार, प्रिंस कुमार, रंजन कुमार सिंह और राजीव कुमार जैसे 20 युवाओं को अपने साथ लेकर डॉ रंजन की ‛हरित रजौन’ ने आज न केवल पर्यावरण के लिए मोर्चा संभाला है बल्कि जरूरतमंद गरीब और पिछड़ों की मदद कर सामाजिक पर्यावरण को मजबूती प्रदान की है।

बी पॉजिटिव इंडिया’, डॉ रवि रंजन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए उनके और ‛हरित रजौन’ से जुड़े पर्यावरण योद्धाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।

आप उनसे फेसबुक पर जुड़ सकते हैं, मोबाइल नंबर 09852181159 पर बात कर सकते हैं।

प्रस्तुति: मोईनुद्दीन चिश्ती (देश के वरिष्ठ लेखक- पत्रकार हैं और अपनी सकारात्मक लेखनी के लिए ख़ासे लोकप्रिय हैं)

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MOINUDDIN RBS CHISHTY
लेखक स्वतंत्र कृषि एवं पर्यावरण पत्रकार हैं। वे अपनी सकारात्मक लेखनी के लिए देशभर में लोकप्रिय हैं।

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