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ग्रामीण क्षेत्र में बदलाव के लिए छोड़ी डॉक्टरी, देशभर में टॉप कर बनी IAS अफसर !

शक्ति की पहचान है नारी, बदलाव का नाम है नारी – Dr Shena Aggarwal IAS

यह पंक्तियाँ हरियाणा से आने वाली एक आईएएस अधिकारी पर सटीक बैठती हैं. स्कूल से लेकर कॉलेज टॉप करने वाली इस लड़की ने जब ट्रेनिंग के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बतौर रेजिडेंट डॉक्टर काम किया तो उनका सामना अशिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और गरीबी से हुई. डॉक्टर बन कर वो कुछ ही लोगो की सेवा कर सकती थी इसलिए उन्होंने यूपीएससी की राह पकड़ी.

पहले प्रयास में प्री परीक्षा भी पास नहीं कर पायी. दूसरे प्रयास में सफल हुई और IRS अफसर बन गयी लेकिन उसका असली लक्ष्य तो आईएएस बनना था. तीसरे प्रयास में वो न केवल पास हुई बल्कि पुरे देश में टॉपर बनी. ग्रामीण क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए यूपीएससी का सफर चुनने वाली IAS अफसर का नाम हैं डॉ. शेना अग्रवाल (Dr Shena Aggarwal IAS).

Dr Shena Aggarwal IAS : शेना अग्रवाल हरियाणा से आती हैं जो कि कन्या भ्रूणहत्या के लिए कुख्यात हैं लेकिन शेना ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से यह साबित कर दिया कि बेटियां किसी भी स्तर पर बेटों से कम नहीं होती हैं. एक डॉक्टर परिवार से आने वाली शेना अग्रवाल का जन्म हरियाणा के यमुनानगर में हुआ. उनके पिता दन्त चिकित्सक हैं जबकि माँ गृहिणी हैं.

शेना पढ़ने में शुरू से ही तेज थी और लगभग हर क्लास में टॉप किया. उनका नाम सुर्ख़ियों में तब छाया जब उन्होंने 2004 में प्री मेडिकल टेस्ट(PMT ) में देशभर में टॉप किया. उसके बाद उन्होंने बारहवीं क्लास में भी CBSE टॉप किया और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) से MBBS की पढाई की.

फुरसत के कुछ पलों में डॉ. शेना अग्रवाल | तस्वीर साभार : फेसबुक

पढाई के दौरान उन्हें इंटर्नशिप के लिए गाँवो का दौरा करने का मौका मिला जो उनके जीवन के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. गांव में काम करने के दौरान उनका सामना गरीबी, कुपोषण और अशिक्षा से हुआ. इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाए बदलने की कोशिश की लेकिन ज्यादा बदलाव नहीं ला पायी.

Dr Shena Aggarwal IAS : शेना अग्रवाल ने एम्स से डॉक्टर की पढ़ाई की लेकिन मरीजों की सेवा करते उसे महसूस हुआ कि देश में गरीबी से बड़ी कोई बीमारी नहीं है और उसका इलाज करने के लिए यूपीएससी बेहतर प्लेटफॉर्म बन सकता है.

2009 में UPSC की परीक्षा दी लेकिन प्री एग्जाम भी क्लियर नहीं कर पायी. तैयारी के लिए कम समय मिला और कॉलेज की पढ़ाई के चलते उन्हें असफलता मिली लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय 2010 में दूसरा प्रयास किया और 305 वीं रैंक हासिल की. इसके चलते उनका चयन भारतीय रेवेन्यू सर्विसेज (IRS) में हुआ. IRS की ट्रेनिंग के दौरान ही उन्होंने 2011 में तीसरा प्रयास दिया और देशभर में टॉप किया.

UPSC परीक्षा टॉप करने के बाद शेना हरियाणा के हर घर में पहचानी जाने लगी. इसके बाद उन्होंने ट्रेनिंग के बाद पंजाब कैडर चुना और आईएएस के रूप में अपनी सेवाए दे रही हैं.

अपनी सफलता पर डॉ शेना अग्रवाल कहती हैं कि मैं यह तो महसूस कर रही थी कि मैं परीक्षा में सफल हो जाऊंगी, लेकिन टॉप करने की उम्मीद मैंने कभी नहीं की थी. मुझे आशा है कि मेरी सफलता से सभी माता-पिता को संदेश मिलेगा कि लड़कियां-लड़के बराबर हैं. लड़कियां वह सब हासिल कर सकती हैं जो लड़के कर सकते हैं.

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News Deskhttps://www.bepositiveindia.in
युवाओं का समूह जो समाज में सकारात्मक खबरों को मंच प्रदान कर रहे हैं. भारत के गांव, क़स्बे एवं छोटे शहरों से लेकर मेट्रो सिटीज से बदलाव की कहानियां लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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