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Positive News : चपरासी की बेटी ने किया 10वीं में टॉप, IAS अधिकारी ने बेटी को बनाया एक दिन का SDM !

बच्चों को प्रोत्साहन देने के कई तरीक़े हो सकते है लेकिन एक IAS अधिकारी ने बेटी को प्रोत्साहित करने के लिए उसे एक दिन का SDM बना दिया. आपको बता दे कि बेटी के पिता उसी दफ़्तर में चपरासी का काम करते हैं. IAS अधिकारी की इस पहल की सब तारिफ़ कर रहें हैं. इस कदम से न केवल बेटी का हौंसला बढ़ा बल्कि अन्य विद्यार्थी भी प्रेरित हुए.

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार हिमाचल प्रदेश के एसडीएम कांगड़ा जतिन लाल ने दसवीं की परीक्षा में 94 फीसदी अंक हासिल करने वाली अपने दफ्तर के चपरासी की बेटी को एक दिन की एसडीएम बनाया है. बेटी ने मेरिट में 34वा स्थान हासिल किया है.

14 साल की हिना ठाकुर सुबह 11 बजे से एसडीएम कांगड़ा की कुर्सी पर बैठी हैं और दिनभर कामकाज देखा. एसडीएम जतिन लाल हिना के साथ मौजूद रहें. हिना ने एसडीएम के मार्गदर्शन में ऑफिस की बैठकें ली. साथ ही जो भी लोग समस्याएं लेकर पहुंचें, उन्हें एसडीएम के मार्गदर्शन में सुलझाने की कोशिश की.

एसडीएम जतिन लाल के साथ हिना ठाकुर

हिना ठाकुर का कहना है कि यह उनके लिए सपने सच होने की तरह है और वह काफी खुश हैं. एसडीएम सर ने मुझे सपना दिखाया है, उसे मैं पूरा करूंगी. हीना ने कहा कि वह बचपन से ही आईएएस ऑफिसर बनना चाहती हैं.

आपको बता दे कि हीना गुरुदत एंग्लो वैदिक स्कूल में पढ़ती हैं और मूल रूप से शिमला जिले की रहने वाली हैं. पिता यहां नौकरी करते हैं और किराये पर रहते हैं.

एसडीएम जतिन लाल ने बताया कि मुझे दफ्तर के कर्मचारी ने बताया कि उसकी बेटी ने दसवीं में 94 फीसदी अंक हासिल किए हैं तो मुझे लगा कि उसे सम्मानित किया जाए. साथ ही उसे करियर के बारे में गाइड किया जाए. बेटी को जब सम्मानित करने के लिए कार्यालय बुलवाया और तो उसने बताया कि वह आईएएस बनना चाहती है. फिर मैंने सोचा कि हीना को एक दिन की एसडीएम बनाया जाए.

मुझे लगा कि बेटियों को प्रोमोट किया जाना चाहिए. क्योंकि वह बेटों से कम नहीं हैं. उन्हें प्रोत्साहन मिलना चाहिए. बस यही सोचकर हीना को एक दिन के लिए एसडीएम बनाया गया है, ताकि और लोग भी इससे प्ररेणा ले सकें. एसडीएम ने बताया कि हीना ही सबकुछ संभाला और वह उसे केवल गाइड कर रहे थे.

हिना ठाकुर के पिता

हीना के पिता ने कहा कि उन्हें खुशी है कि एसडीएम साहब ने यह कदम उठाया है. इससे दूसरे बच्चों को भी प्ररेणा मिलेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि वह जब नौकरी पर लगे थे, उनकी शुरू से ही तमन्ना थी कि बेटी को अच्छी शिक्षा और बाद में नौकरी लगे.

बी पॉज़िटिव इण्डिया, एसडीएम जतिन लाल की पहल का स्वागत करता हैं और उम्मीद करता हैं कि इससे प्रेरणा लेकर देश की बेटियाँ ज़रूर प्रोत्साहित होगी.

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News Deskhttps://www.bepositiveindia.in
युवाओं का समूह जो समाज में सकारात्मक खबरों को मंच प्रदान कर रहे हैं. भारत के गांव, क़स्बे एवं छोटे शहरों से लेकर मेट्रो सिटीज से बदलाव की कहानियां लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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