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10 रुपए में पर्ची, 20 में भर्ती, 3 दिन नि:शुल्क भोजन देने वाला जन सेवा अस्पताल बना नज़ीर

लॉक डाउन के दौरान सेवा कार्यों को अनूठे अंदाज़ में अंजाम देकर जीता सबका दिल

बीते दिनों डॉक्टर्स-डे पर राजस्थान के ‘जन सेवा हॉस्पिटल’, श्रीगंगानगर के निदेशक डॉ मोहित टांटिया को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। यह अस्पताल हनुमानगढ़ रोड़ पर स्थित है।

‘जन सेवा हॉस्पिटल’ राजस्थान के उन गिने चुने चिकित्सा संस्थानों में से एक है जो पूरी तरह कोविड-19 को समर्पित है। हॉस्पिटल में क्वारेंटाइन, आइसोलेशन के वार्ड बने हुए हैं, कोविड केयर सेंटर भी प्रस्तावित है।

इस अस्पताल की खासियत यह है कि यहां सिर्फ 10 रुपए में मरीज देखे जाते हैं। मरीज को भर्ती करने के लिए मात्र 20 रुपए का शुल्क लिया जाता है। इस शुल्क को अदा करने पर मरीज को अस्पताल प्रशासन द्वारा 3 दिन तक भोजन भी नि:शुल्क करवाया जाता है।

कोरोना में डॉ एसएस टांटिया मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर मिसाल बनकर उभरा है। ‛जन सेवा हॉस्पिटल’ ने शासन-प्रशासन को बढ़-चढ़ कर सहयोग देने की जो मिसाल पेश की है, उसे चहुं ओर प्रशंसा मिल रही है।

बातचीत के दौरान टांटिया समूह के जगदीशराय टांटिया ने बताया,“कोरोना वायरस की भयावहता को भांपकर पुत्रवधु और टांटिया समूह की चेयपर्सन श्रीमती सुनीता टांटिया एवं पुत्र अनिल टांटिया से विचार-विमर्श कर सामाजिक सरोकारों में सदा की तरह फिर अग्रणी रहने की परंपरा को दोहराया। तुरंत बाद निर्णय किए गए और प्रबंधन, चिकित्सक, स्टाफ सहित पूरी टीम सेवा में जुट गई।”

डॉ विशु टांटिया ने कमान संभाली और अनुज डॉ राघव टांटिया, डॉ मोहित टांटिया के साथ विस्तृत कार्य योजना तैयार की। कोरोना वायरस से बने हालात और राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन में जिला प्रशासन को सहयोग देने की तैयारी के लिए ‛जन सेवा हॉस्पिटल’ की आपात बैठक निदेशक डॉ नेहा अग्रवाल टांटिया की अध्यक्षता में हुई।

अतिरिक्त निदेशक केएस सुखदेव, डॉ अश्विनी गोगिया, डॉ प्रवीण कुमार शर्मा, पवन गुप्ता, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी बलजीत सिंह, मीडिया हेड डॉ. विकास सचदेवा सहित सभी चिकित्सक, विभागों के प्रमुख इसमें शामिल हुए।

मुख्य प्रशासनिक अधिकारी बलजीत सिंह ने बताया कि पूर्ण मनोयोग से सेवा और सहयोग में प्रबंधन, चिकित्सक सहित तमाम स्टाफ जुटा हुआ है। जन सेवा के लिए 16 लाख 72 हजार रुपए की आर्थिक मदद सरकार को प्रदान की जा चुकी है।

टांटिया विश्वविद्यालय परिसर में 200 बैड का क्वारंटाइन केंद्र स्थापित कर उत्तम सुविधा प्रदान की गई, शिकायत एवं सुझाव पुस्तिका उपलब्ध करवा कर संतोषजनक ढंग से क्वारंटाइन पूरा करवाया गया।

जिला प्रशासन के अपेक्षा जताने पर जन सेवा हॉस्पिटल परिसर में 250 बैड क्षमता की आइसोलेशन इकाई स्थापित कर सुचारू रूप से सभी सुविधाएं तैयार की गई, आइसीयू के 20 बैड विशेष रूप से तैयार किए गए।

छाती एवं श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ संजय सोलंकी के नेतृत्व में महामारी निगरानी समिति गठित की गई, जिसमें वेदप्रकाश, विकास अरोड़ा आदि को शामिल किया गया।

जनता कर्फ्यू एवं लॉक डाउन से पहले ही आपदा प्रबंधन कमेटी डॉ राकेश सहारण की अध्यक्षता में गठित की गई, जिसमें डॉ इद्रदीपसिंह कोचर, डॉ विक्रम अरोड़ा, डॉ आनंदिनी राजपूत, डॉ गुरतेज धालीवाल, डॉ स्मृति अरोड़ा को शामिल किया गया।

बुखार, सर्दी, जुकाम के मरीजों के लिए विशेष रूप से फ्लू क्लिनिक स्थापित हुई। हर मरीज की ट्रेवल हिस्ट्री ली गई, उनकी एंट्री करने के साथ ही वायरस संबंधी जागरुकता बढ़ाई गई। समस्त स्टाफ का पूरी सावधानी रखना सुनिश्चित किया गया।

परिसर में हाइपोक्लोराइट से भी पोचा लगवाना शुरू किया गया। जिला प्रशासन तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सहयोग देते हुए जगह-जगह जागरुकता संबंधी होर्डिंग लगाए गए।

लॉक डाउन के दौरान पुलिस थानों चौकियों, नाकों को सेनिटाइज किया गया। सेनिटाइजर, दस्ताने, मास्क डॉ मोहित टांटिया ने उपलब्ध करवाए।

लॉक डाउन के दौरान क्रोनिक बीमारियों से ग्रसित सैंकड़ों मरीजों को घर पर टेली फार्मेसी के तहत दवाइयां नि:शुल्क वितरित की गई। न्यायिक अधिकारियों, वन विभाग, रसद विभाग, सिविल डिफेन्स, होमगार्ड, प्रशासन एवं पुलिस के कार्मिकों आदि को गुणकारी आयुर्वेदिक काढ़ा वितरित किया गया।

आपातकालीन चिकित्सा विभाग ने बड़ी संख्या में मरीजों को सप्ताह में सातों दिन, चौबीसों घंटे सुविधाएं मुहैया करवाई, हॉस्पिटल में भर्ती गरीब एवं असहाय मरीजों को नि:शुल्क एम्बुलैन्स सुविधा प्रदान कर गंतव्य तक पहुंचाया गया। प्रतिदिन अनेक मरीजों को टेली मेडीसिन यूनिट ने नि:शुल्क परामर्श प्रदान किया।

लॉक डाउन अवधि में कार्यरत मेडिकल एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के रूकने एवं उनके नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था हॉस्पिटल प्रबंधन ने की। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग तथा नवजात गहन चिकित्सा इकाई ने उल्लेखनीय चिकित्सा सेवाओं से राहत प्रदान की।

पुलिस प्रशासन को प्रचार वाहन, टैम्पो को अस्थाई रूप से उपलब्ध करवाया गया। जम्मू से आए 45 मजदूरों के लिए अस्थाई सेल्टर होम की व्यवस्था भी की गई जिसमें 18 बच्चे भी शामिल थे। सभी के रहने, खाने, चिकित्सा परामर्श, दवाइयों आदि की व्यवस्था की गई।

बी पॉजिटिव इंडिया’ ‛जन सेवा हॉस्पिटल’ द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए प्रबंधन से जुड़े लोगों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।

प्रस्तुति: मोईनुद्दीन चिश्ती (देश के वरिष्ठ लेखक- पत्रकार हैं और अपनी सकारात्मक लेखनी के लिए ख़ासे लोकप्रिय हैं)

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MOINUDDIN RBS CHISHTY
लेखक स्वतंत्र कृषि एवं पर्यावरण पत्रकार हैं। वे अपनी सकारात्मक लेखनी के लिए देशभर में लोकप्रिय हैं।

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