Home Positive News पढ़ाई में अव्वल इन बच्चों ने खेजड़ली शहीदों को किया नमन! गमले,...

पढ़ाई में अव्वल इन बच्चों ने खेजड़ली शहीदों को किया नमन! गमले, परिंडे और खेळी बनाई

राजस्थान के नागौर में रहने वाले रामरतन बिश्नोई की बेटी पूजा और बेटे लक्ष्मण में लॉक डाउन के दौरान अपनी सृजनधर्मिता को एक नए स्वरूप में प्रस्तुत किया है।

बताते चलें कि रामरतन अखिल भारतीय बिश्नोई पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ ही श्री जम्भेश्वर पर्यावरण एवं जीवरक्षा प्रदेश संस्था के प्रदेशाध्यक्ष भी हैं।

क्या-क्या बनाया गया…?

इन युवाओं ने मिलकर अपने बगीचे का एक कोना खेजड़ली में वृक्षों को बचाने के लिए शहीद हुए 363 शहीदों की याद में समर्पित करते हुए एक स्मारक चिन्ह बनाया है।

दोनों भाई बहन ने मिलकर एक साझा प्रयास के तहत पौधे उगाने के 21 गमले, चिड़िया और कबूतरों को पानी पिलाने के कुछ परिंडे और हिरणों को पानी पिलाने की एक ‛खेळी’ बनाई।

एक छोटी सजावटी झोंपड़ी और कुआं भी बनाया। इस सबको बनाने में कच्चे माल के रूप में सीमेंट और बजरी लगी है।
कोविड-19 और लॉक डाउन के दौरान घर बैठे समय का इससे प्यारा सदुपयोग और क्या हो सकता है? हम देख रहे हैं कि इन दिनों पूरे देश के बच्चों और युवाओं में इस तरह की रचनात्मक प्रवृत्ति बढ़ी है।

पिता रामरतन बताते हैं,“बच्चों द्वारा ऐसा कार्य किए जाने की जब सोची गई तो उन्होंने यह अपनी मां को बताई। बाद में इस बारे में मुझे भी अवगत करवाया गया।

रामरतन बिश्नोई

सीमेंट, बजरी, विभिन्न प्रकार के रंग, लोहे का थोड़ा सामान, मिट्टी, पौधों आदि में यही कोई 6000 रुपए खर्च हुए। एक पिता के तौर पर मैं भी उनके इस मिशन में सहभागी हो लिया। हम चारों मिलकर निष्ठाभाव से 3 महीनों तक इस कार्य को करने में जुटे रहे।

बिश्नोई धर्म के संस्थापक भगवान जांभोजी ने कहा है कि-“पहले क्रिया आप कमाइए तो औरां ने फरमाइए…!

पिता रामरतन को इस बात की खुशी है कि उनके संस्कार उनके बच्चों में ज्यों के त्यों परिलक्षित हुए हैं।

बुजुर्गों की नसीहतों पर चलने वाले इन युवाओं को जीवन में सफलताएं भी कम नहीं मिलीं! पूजा बिश्नोई राष्ट्रीय योग्यता परीक्षा और एमए पास है।

युवा लक्ष्मण बिश्नोई साल 2017 में हुई अंतर महाविद्यालयी हिंदी वाद विवाद प्रतियोगिता में ‛बेस्ट डिबेटर ऑफ राजस्थान’ का खिताब जीत चुका है।

राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस, मेंस की परीक्षा भी दे चुका है। एमए है। प्रथम श्रेणी में एसोसिएट प्रोफेसर राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (जेआरएफ) भी क्लियर कर चुका है। इन दिनों एमफिल कर रहा है। कुशाग्र बुद्धि वाले लक्ष्मण को 35,000 रुपए मासिक की छात्रवृति भी मिल रही है। साथ ही संघ लोक सेवा आयोगपरीक्षाओं की तैयारी में भी जुटा है।

बनाई गयी प्रतिकृति

फेसबुक पर रामरतन बिश्नोई से सीधा संपर्क किया जा सकता है।

बी पॉजिटिव इंडिया’ बिश्नोई परिवार द्वारा किए कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।

प्रस्तुति: मोईनुद्दीन चिश्ती (देश के वरिष्ठ लेखक- पत्रकार हैं और अपनी सकारात्मक लेखनी के लिए ख़ासे लोकप्रिय हैं)

Avatar
MOINUDDIN RBS CHISHTY
लेखक स्वतंत्र कृषि एवं पर्यावरण पत्रकार हैं। वे अपनी सकारात्मक लेखनी के लिए देशभर में लोकप्रिय हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

किसान के बेटे अमित ने किया राजस्थान बोर्ड में टॉप, एम्स में बनना चाहता है न्यूरोलॉजिस्ट !

मेहनत करने वालों की हार नही होती है यह पंक्तियां राजस्थान बोर्ड के बारहवीं विज्ञान वर्ग में टॉप करने...

10 रुपए में पर्ची, 20 में भर्ती, 3 दिन नि:शुल्क भोजन देने वाला जन सेवा अस्पताल बना नज़ीर

लॉक डाउन के दौरान सेवा कार्यों को अनूठे अंदाज़ में अंजाम देकर जीता सबका दिल बीते दिनों...

पढाई छोड़कर बने गांव के प्रधान, सामूहिक भागीदारी से बदल रहे है गांव की तस्वीर !

माना कि अंधेरा घना है, मगर दिया जलाना कहां मना है । यह पंक्तियाँ उत्तरप्रदेश के एक प्रधान पर...

बच्चों को भीख मांगता देख शुरू की ‘पहल’, शिक्षा के जरिये स्लम्स के बच्चों का जीवन बदल रहे है युवा

शिकायत का हिस्सा तो हम हर बार बनते है, चलिए एक बार निवारण का हिस्सा बनते है. यह पंक्तियां...

आयुर्वेदनामा : शेर के खुले मुंह जैसे सफेद फूलों वाला अड़ूसा : एक कारगर औषधि

आयुर्वेदनामा की इस कड़ी में हम बात करेंगे अड़ूसा के बारे में जो कि एक महत्वपूर्ण औषधि है। सम्पूर्ण भारत में इसके...