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मणिपुर में पेड़ों को कटते देख रोने वाली 9 साल की बच्ची बनी ग्रीन मिशन की एम्बेसडर !

पेड़ो और इंसानों का रिश्ता संवेदनशील होता हैं. एक पेड़ को बड़ा करना संतान के पालन-पोषण के जितना ही कठिन होता हैं. देश के कई हिस्सों में पेड़-पौधों को परिवार का हिस्सा माना जाता हैं. जब पेड़ को काटा जाता हैं तो लगता हैं कि परिवार का कोई सदस्य नहीं रहा हैं, ऐसा ही कुछ नजारा था मणिपुर के काकचिंग जिले में.

सड़क चौड़ीकरण के लिए कई पेड़ काटे जा रहे थे. इसमें एक 9 साल बच्ची एलंगबाम के द्वारा लगाए पेड़ भी शामिल थे. जब सड़क बनाने वाली टीम ने एलंगबाम के लगाए पेड़ काटना शुरू किया तो वह जोर-जोर से रोने लगी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. लोग उनके प्रकृति प्रेम की तारीफ कर रहे हैं.

Angang acna kaplibse ateigi natte Mahak na class 1 karakpdagi thajkhib U( tree) gunmahor pambi 2 khak ngasi Mahak na Scholl halkpkda lambi sembda phukdokpirmme adugi angang asina thamoi sokna thengthari. Mahakna hairi U pambi 20 amga thakhini Haina… Hiyanglam Makha Leikai

Posted by Monen Elangbam on Friday, August 2, 2019

यह बात राज्य के मुख्यमंत्री तक पहुंची तो उन्होंने एलंगबाम को राज्य का ‘ग्रीन एम्बेसडर (Green Ambassador)’ बनाने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि लोगों के लिए वह एक उदाहरण बन सकती है. हम उसकी भावनाओं का सम्मान करते हैं.

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ( N Biren Singh) ने 9 साल की एलंगबाम वेलेंतिना देवी को ‘मुख्यमंत्री ग्रीन मणिपुर मिशन’ का एम्बेसडर बनाया है. ग्रीन मणिपुर मिशन (Green Manipur Mission) के तहत एलंगबाम सरकार के कई विज्ञापनों और कार्यक्रमों और वन्य अभियानों का हिस्सा बनेंगी. एलंगबाम को वीआईपी पौधरोपण, वन महोत्सव और विश्व पर्यावरण दिवस जैसे कार्यक्रमों में विशेष स्थान दिया जाएगा.

एलंगबाम वेलेंतिना देवी को ‘मुख्यमंत्री ग्रीन मणिपुर मिशन’ का एम्बेसडर बनाया है | Photo Credits : Internet

आपको बाटे दे कि एलंगबाम जब कक्षा एक में थी तो उसने दो गुलमोहर के पौधे लगाए थे. चार साल में यह पेड़ बन गए थे. पांचवीं कक्षा में पढ़ रही एलंगबाम जब स्कूल से आई तो उसके लगाए पेड़ काट दिए गए थे. इसके बाद से वह काफी देर तक रोती रही थी.

मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया, ‘‘हमने बच्ची का वीडियो देखने के बाद काकचिंग पुलिस अधीक्षक विक्टोरिया येंगखोम को निर्देश दिया कि वह लड़की के घर जाकर उसे सांत्वना दें और उसे कुछ पौधे दें. इसके बाद एसपी ने पुलिस अधिकारियों की एक टीम के साथ लड़की के घर का दौरा किया है. मुख्यमंत्री दिल्ली से मणिपुर लौटने के बाद खुद बच्ची से मिलेंगे.’’

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने 18 जुलाई को मुख्यमंत्री ग्रीन मणिपुर मिशन (Green Manipur Mission) को लॉन्च किया था. वीडियो देखने के बाद अचानक मेरे दिमाग में यह बात आई कि इस बच्ची को मिशन का ग्रीन एम्बेसडर बनाया जाना चाहिए.

(मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित )

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युवाओं का समूह जो समाज में सकारात्मक खबरों को मंच प्रदान कर रहे हैं. भारत के गांव, क़स्बे एवं छोटे शहरों से लेकर मेट्रो सिटीज से बदलाव की कहानियां लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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