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मिशन हरियाली नूरसराय: बच्चों और ग्रामीणों को पर्यावरण से जोड़ 5,50,000+ पौधे लगवा चुके हैं 33 दोस्त

किसी एक बात पर एकमत होना बड़ी बात है। और यदि यही एकता पेड़ पौधों को लगाने को लेकर हो तो क्या कोई एकमत हो सकता है? अधिकांशतः लोगों का जवाब न में होगा।

पर 16 जून, 2016 से बिहार के नूरसराय के 33 दोस्त जो कभी साथ पढ़े या किसी अन्य कारण से एक दूसरे से जुड़े आज साथ हैं। साथ सिर्फ इसलिए हैं, विचारों में एकता इसलिए है क्योंकि वे किसी मौजमस्ती की बात नहीं करते, कहीं घूमने जाने का प्लान नहीं बनाते। बात होती है तो पौधों की, बात करते हैं पेड़ों की। सोते जागते उठते बैठते सुबह शाम सिर्फ पेड़ पौधों की बात करने वाले इन 33 दोस्तों ने अपने इस काम को ‛मिशन हरियाली नूरसराय’ नाम दिया है।

आम से लेकर ख़ास आदमी को पौधें वितरित किए

आज के दौर में पर्यावरण की बात ज्यादातर लोग करते हैं, लेकिन पर्यावरण को सरंक्षण देने वाले हाथ बहुत कम हैं।

बिहार के नालंदा जिले के अंतर्गत आने वाले नूरसराय के इन 33 सदस्यों की टीम के योद्धाओं के नेचर में ही नेचर रची बसी है। इन सभी 33 सदस्यों का अपना कोई न कोई अपना काम है, फिर भी यह लोग अक्सर पौधों को संवारते, सिंचाई करते, बच्चों को पर्यावरण का पाठ पढ़ाने के साथ साथ निःशुल्क पौधा वितरण करते नजर आ ही जाते हैं।

जानकारी के लिए बताता चलूं की ‛मिशन हरियाली नूरसराय’ एक गैर निबंधित संस्था है, जो अपने मित्र व परिवार के सदस्यों के सहयोग से 2016 से निरंतर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही है।

इस मिशन ने सैंकड़ों बच्चों को पर्यावरण सरंक्षण का पाठ पढ़ाया

यह दोस्त अब तक हज़ारों बार बच्चों के बीच जा जाकर पौने छह लाख फलदार पौधों का वितरण कर उन्हें रोपित करवा चुके हैं, जिनमें करीब 90 प्रतिशत पौधे तो अब पेड़ बन गए हैं। करीब 75 प्रतिशत पौधों में फल आना भी शुरू हो गए हैं।

सबसे अधिक पौधे अमरूद के हैं। अमरूद के अलावा यह दोस्त कटहल, अनार, शरीफ़ा व शहतूत के पौधे भी वितरित करते हैं।

‘मिशन हरियाली नूरसराय’ का यह अभियान शुरू से स्कूली बच्चों के साथ है। नालंदा जिले के अलावा नवादा, पटना, जहानाबाद के अलावा झारखंड के गिरिडीह जिले में भी यह लोग पौधा वितरण कर चुके हैं।

क्वाँरेटिन सेण्टर पर भी पौधों का वितरण किया गया

आज जब वैश्विक महामारी कोरोना के चलते जिले व राज्य के स्कूल बंद हैं, मार्च से लॉक डाउन है। ऐसे में इन योद्धाओं का कार्य थोड़ा सुस्त जरूर हुआ है पर इनके इरादों में कोई कमी नहीं आई है। इन दोस्तों ने पर्यावरण संरक्षण का एक और उपाय ढूंढ निकाला है।

नूरसराय और रहुई प्रखंड के क्वारंटाइन सेंटरों में चौदह दिन बिताने के बाद घर जा रहे प्रवासियों के बीच 2000 अमरूद व शरीफ़ा के पौधे निःशुल्क वितरित किए। इन्होंने वितरित पौधों को रोपित करने व पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी इन लोगों को दिलवाया।

मिशन के कार्यों को गति देने के लिए इन दोस्तों ने बैंकों के माध्यम से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पौधा वितरण की भी एक नई युक्ति खोज ली।

कोरोना संकट में बैंकों के ज़रिए पौधा वितरण शुरू किया गया

जिले के 3 एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्रों के माध्यम से आए हुए ग्राहकों के बीच वे अब तक 400 फलदार पौधों का निःशुल्क वितरण कर उन्हें रोपित करवा चुके हैं।

नालंदा सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक की 6 शाखाओं के माध्यम से वे ग्राहकों के बीच 740 फलदार पौधे, पीएनबी की 9 ब्रांचों के ग्राहकों के बीच 4250, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक की 34 शाखाओं से 6375 फलदार पौधों का निःशुल्क वितरण किया जा चुका है।

वितरित फलदार पौधों में अमरूद के पौधों की संख्या अधिक है। अमरूद के साथ साथ अनार, कटहल व शरीफ़ा के भी पौधे वितरण का कार्य यह दोस्त कर रहे हैं।

कार्यों को गति देते हुए नालंदा जिले के 77 गांवों में ग्रामीणों के बीच 29758 फलदार पौधों का निःशुल्क वितरण कर उन्हें रोपित भी करवा चुके हैं।

सामाजिक आयोजनों में भी पौधा वितरण किया जाता है

‘मिशन हरियाली नूरसराय’ के इन दोस्तों ने श्राद्धकर्म, पुण्य तिथि, जन्मदिन या सालगिरह के मौकों पर भी पौधा वितरण व पौध वितरण का कार्य किया है। इन 33 दोस्तों का हर संभव प्रयास धरती पर हरियाली लाना है। बच्चे, बूढ़े, जवान या महिलाएं हर कोई पेड़ों से जुड़े, इसके लिए कोई भी मौके पर ‛मिशन हरियाली नूरसराय’ के यह दोस्त नहीं चूकते।

दर्जनों श्राद्धकर्म में तेरहवीं पर अपने जानने पहचानने वालों से मृतक की याद में पीपल का वृक्ष लगवाते हैं। तेरहवीं पर लगाए गए अधिकांश पीपल अब पेड़ बन गए हैं।

5जून यानी विश्व पर्यावरण दिवस पर बिहार शरीफ के करीब दो दर्जन चिकित्सकों की क्लीनिक्स के माध्यम से मरीजों व उनके परिजनों के बीच 2000 फलदार पौधों का निःशुल्क वितरण भी यह योद्धा कर चुके हैं।

मिशन हरियाली नूरसराय

पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करते हुए इन मित्रों ने 4 वर्ष जी लिए हैं। 33 स्थायी सदस्यों, मित्र, परिवार और पर्यावरण प्रेमियों के सहयोग से संचालित इस गैर निबंधित समूह के इन हरित वीरों के नाम शंकरदयाल सिंह, पंकज चरण पहाड़ी, प्रमोद कुमार, सुरेश प्रसाद, इंजीनियर संजय कुमार, डिप्टी कमांडेंट कमलेश कुमार, डॉ धीरेंद्र कुमार, शिक्षक दिलीप कुमार, श्रीमती शशिकला सिन्हा, राजीव कुमार, अमर कुमार भारती, सुधीर कुमार पांडे, अनिल कुमार, डॉ अरुण कुमार, सोनी विश्वकर्मा, राकेश कुमार, विनय प्रकाश, पुतुलसिंह, विवेक कुमार, हिमांशु कुमार, पंकज कुमार प्रगद्ध, रवि कुमार, संजीत कुमार, धनन्जय कुमार, राजकुमार सिन्हा, संजय कुमार, महेंद्र कुमार विकल, डॉ कुमार प्रेमचंद, नवीन कुमार लोहानी, धर्मेन्द्र कुमार, मनोज रॉय, पंकज जूनियर और राजीव रंजन भारती हैं।

बी पॉजिटिव इंडिया’, ‘मिशन हरियाली नूरसराय’ द्वारा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में दी सेवाओं की सराहना करते हुए इन 33 दोस्तों की दोस्ती के साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की भी कामना करता है। आप फेसबुक से जुड़ने के अलावा उनका पेज भी लाइक कर सकते हैं।

प्रस्तुति : पुतुल सिंह (लेखक पत्रकारिता का शौक रखते हैं। साथ ही ‛मिशन हरियाली नूरसराय’ से भी गहरे जुड़े हैं, टीम का हिस्सा हैं।)

संपादन: मोईनुद्दीन चिश्ती

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युवाओं का समूह जो समाज में सकारात्मक खबरों को मंच प्रदान कर रहे हैं. भारत के गांव, क़स्बे एवं छोटे शहरों से लेकर मेट्रो सिटीज से बदलाव की कहानियां लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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