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कभी शादियों में शेरवानी किराए पर दिया करते थे, आज है 500 करोड़ के एथनिक वियर ब्रांड के मालिक

1999 में कॉमर्स में ग्रेजुएशन के पश्चात एक युवा अपनी पुश्तैनी कपड़े की दुकान में काम करना शुरू करता है । कुछ समय काम करने के पश्चात उसे रिटेल एवं अपैरल इंडस्ट्री के एक सेक्टर में असीम संभावनाए दिखाई देती है तथा भारतीय परम्परागत परिधानों या एथेनिक वियर में कार्य करने के लिए वेदांत फैशंस प्राइवेट लिमिटेड (VFPL) की शुरुआत 1000 स्क्वायर फ़ीट के ऑफिस में करता है । 10,000 के पूंजी निवेश से शुरू की गयी कंपनी पैंटालूंस एवं अन्य ब्रांड्स की बिक्री बढ़ाने में लग जाती है ।

कुछ साल काम करने के बाद वो कंपनी खुद का एथेनिक ब्रांड लांच करती है । 2007-2008 में यह कंपनी कोलकाता की गलियों से निकलकर भुवनेश्वर में अपना पहला रिटेल स्टोर खोलती है । आज लगभग 10 वर्ष के बाद उस कंपनी या ब्रांड के भारत सहित विदेशों में कुल 450 से ज्यादा स्टोर है । आज उनकी कंपनी का टर्नओवर लगभग 500 करोड़ से ज्यादा है तथा पिछले वित्त वर्ष में लगभग 140 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है । इस ब्रांड का नाम है मान्यवर (Manyavar)और इस ब्रांड को बनाने वाले उद्यमी है रवि मोदी (Ravi Modi) ।

कोलकाता के मारवाड़ी परिवार से आने वाले रवि मोदी ने बिना कोई पूंजी निवेश या शेयर मार्केट से पैसा उठाये भारत का नंबर वन एथेनिक वियर ब्रांड मान्यवर खड़ा कर दिया है । आज मान्यवर भारत सहित नेपाल , UAE , USA एवं बांग्लादेश में व्यापार कर रहा है तथा भारतीय परंपरागत वस्त्रों को अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहा है । भारत में लगभग 170 से ज्यादा शहरों में 450 से ज्यादा मान्यवर के रिटेल स्टोर मौजूद है जिनमें मुंबई एवं दिल्ली के पॉश इलाकों में शानदार रिटेल स्टोर है ।

मान्यवर का एक स्टोर

सेंट जेवियर्स से कॉमर्स में ग्रेजुएशन करने वाले रवि मोदी ने अपने कारोबार की शुरुआत कोलकाता के AC मार्केट में पुश्तैनी कपड़े की दुकान से शुरुआत की । रवि चाहते थे कि उनकी दुकान भी एक ब्रांड में तब्दील हो इसके लिए इन्होने गारमेंट क्षेत्र में रिसर्च करना शुरू कर दिया । उन्हें जाँच-पड़ताल में पता चला कि भारतीय परम्परागत परिधानों में पुरुषों के लिए ज्यादा विकल्प नहीं है तथा शादी-ब्याह के लिए काम में आने वाले कुर्ते-पायजामे, शेरवानी और कोट-पेण्ट के लिए कोई बड़ा ब्रांड नहीं है । इस असंगठित क्षेत्र में सीजनल व्यापार होने के कारण सभी छोटे व्यापारी एवं रिटेलर जुड़े हुए थे ।

एथेनिक वियर में अपना ब्रांड बनाने के लिए उन्होंने अपनी कंपनी VFPL की 1999 में नींव रखीं । मार्केट को समझने के लिए उन्होंने बड़े ब्रांड्स जैसे पैंटालूंस की फ्रैंचाइज़ी लेने का निर्णय लिया । कुछ वर्ष तक मार्केट की बारीकियां समझने के बाद उन्होंने पुरुषों के लिए एक एथेनिक वियर ब्रांड मान्यवर खोलने का मन बनाया । कोलकाता में वस्त्र उद्योग के लिए अनुकूल माहौल ने रवि मोदी को यह प्रयोग करने के लिए बहुत सहायता की । कपड़े एवं कारीगरों की आसान उपलब्धता ने उनका काम आसान कर दिया ।

कोलकाता में ही उन्होंने शुरुआत में मान्यवर के कपड़े अन्य रिटेल स्टोर को बेचने की जगह खुद का रिटेल स्टोर खोलने का साहसिक निर्णय लिया । कोलकाता में ही उन्होंने अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की भी स्थापना की । उच्च गुणवत्ता एवं एथेनिक वियर में किसी बड़े ब्रांड के नहीं होने से मान्यवर को आशातीत सफलता मिलनी शुरू हो गयी । रवि मोदी को पता था कि देश में बड़ा मार्केट मध्यम वर्ग का है जो विशेषकर शादियों एवं त्योहारों में खूब पैसे खर्च करता है । इसी तथ्य को मद्देनजर रखते हुए मान्यवर के प्रोडक्ट्स की कीमत भी अपेक्षाकृत बड़े ब्रांड्स की तुलना में कम रखीं गयी ।

IPL से अपने ब्रांड को जोड़ देशव्यापी पहचान बनाई

रवि मोदी ने न केवल नया ब्रांड बनाया बल्कि सीजनल व्यापार को पुरे वर्ष के लिए परिवर्तित किया जिससे एथनिक वियर की डिमांड शादी -पार्टी के अलावा भी त्योहारो जैसे दीपावली, नवरात्री , होली, रक्षाबंधन के अवसर पर भी बढ़ने लगी । इसका सीधा फायदा मान्यवर को हुआ और पुरुषों के लिए एथेनिक वियर के लिए मान्यवर एकमात्र विश्वसनीय ब्रांड विकल्प बन गया । कपड़े की क्वालिटी एवं विकल्प के साथ ही शेरवानी के साथ काम आने वाले साफे एवं जूतियों को भी रखा जिससे पुरुषों को एक ही स्टोर पर सब कुछ मिल जाये ।

कोलकाता में धूम मचाने के बाद रवि मोदी ने मान्यवर को बंगाल से बाहर भी विस्तार करने पर कार्य शुरू किया जिसके फलस्वरूप 2008 में मान्यवर का भुवनेश्वर में पहला रिटेल स्टोर खुला । पहले स्टोर को सफलता मिलने के बाद रवि मोदी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और देखते ही देखते अगले दो वर्ष में पुरे देश में 100 रिटेल स्टोर शुरू कर दिए। आज मान्यवर के पुरे देश में 450 से ज्यादा स्टोर्स है तथा मुंबई में एक बड़ा शो रूम है ।

मान्यवर को इस मुकाम में पहुंचाने में रवि मोदी की मार्केटिंग रणनीति का बहुत बड़ा योगदान है । 2013 में IPL एवं क्रिकेट की सफलता को भुनाने के लिए कोलकाता नाईटराइडर्स , दिल्ली डेयरडेविल्स तथा सनराइज़र्स के साथ जुड़ने का निर्णय लिया जिससे मान्यवर को पुरे देश में पहचान दिलाने में खूब योगदान दिया ।

मान्यवर के एक विज्ञापन में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा

इसके अलावा भी देश में फूटबाल के सबसे बड़े टूर्नामेंट इंडियन सुपर लीग से भी मान्यवर ने खुद को जोड़ा । रवि मोदी ने टीवी, न्यूज़ पेपर एवं प्रिंट मीडिया के साथ ही आउटडोर मीडिया हाउस के साथ मिलकर मान्यवर को घर -घर में पहचान दिलाने में सफलता हासिल की और मान्यवर को पुरुषों के सबसे बड़े एथेनिक वियर ब्रांड बना दिया ।

रवि मोदी ने मान्यवर के लिए भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली एवं बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा को अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाया जिससे युवा वर्ग में मान्यवर को पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगा और विराट -अनुष्का के टीवी विज्ञापनो ने पुरे विज्ञापन जगत में सनसनी फैला दी । इसका सीधा -सीधा फायदा मान्यवर को हुआ और उनकी बिक्री में 20 से 25 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली ।

मान्यवर ने समय के साथ पूरे देश में विस्तार किया। इन ब्रान्ड्स ने यंग कंज्यूमर्स के बीच भी जगह बनाई। मान्यवर कुछ ज्यादा आक्रामक दिखा, उसने इस साल हर हफ्ते करीब 2 स्टोर खोलते हुए इनकी संख्या 360 पहुंचा दिया।

मान्यवर के फाउंडर रवि मोदी ने एक इंटरव्यू में बताया, “पहले ओकेजन-वियर सेगमेंट में कंज्यूमर और मैन्युफैक्चरर्स के बीच कोई कनेक्शन नहीं था। हमने सिर्फ वो कनेक्ट बनाने की कोशिश की है।

मान्यवर का पहला आउटलेट साल 1999 में खुला। लेकिन ब्रान्ड ने अगले 10 साल तक कोई विस्तार नहीं किया। मोदी के मुताबिक, “हमारा दूसरा स्टोर 2008 में आया, क्योंकि तब आर्थिक सुस्ती की वजह से रियल एस्टेट के दाम नीचे आ गए थे। हम गारमेंट डिस्काउंट पर नहीं बेचते, ऐसे में इन बातों का हमें ख्याल रखना पड़ता है।”

मान्यवर ने ‘मोहे’ नाम से एक और शृंखला शुरू की

एथनिक रिटेल चेन मान्यवर देश की सबसे ज्यादा प्रॉफिट कमाने वाली अपैरल कंपनियों में से एक हो गई हैं। ये वो कंपनी हैं जो डिस्काउंट देने से बचती हैं, इनके स्टोर प्राइम लोकेशन में हों ये जरूरी नहीं और ये इंडिया में बने प्रोडक्ट्स बेचते हैं। यही नहीं, एथनिक रिटेल कंपनियां उस मार्केट में हैं, जहां ज्यादातर इंटरनेशनल ब्रान्ड्स ज्यादा से ज्यादा बाजार हिस्सेदारी के लिए भारी डिस्काउंट्स देते हैं।

ज्यादातर अपैरल ब्रान्ड्स बिक्री के बाद स्टॉक को हटाने के लिए भारी डिस्काउंट देते हैं। इससे उनके मुनाफे में भारी चोट पहुंचती है। शायद यही वजह है कि अपैरल ब्रान्ड्स की 20 फीसदी से ज्यादा बिक्री एंड-ऑफ-सीजन सेल्स के दौरान होती है। मान्यवर ऐसा नहीं करतीं, बेहतरीन नेट प्रॉफिट की यही वजह है। इसके अलावा वे 95 फीसदी प्रोडक्ट्स का इन-हाउस प्रोडक्शन करती हैं। इससे इनवेंटरी नहीं बढ़ती और कॉस्ट कंट्रोल में रहती है। इसके लिए वो टेक्नॉलजी का भरपूर इस्तेमाल करती है तथा अपने स्टॉक्स एवं एनालिटिक्स से डिमांड तथा सप्लाई में बेहतर तालमेल रखती है ।

मान्यवर में अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए पुरुषों के बाद महिलाओं के लिए भी 2016 में Mohey ब्रांड नाम से एथेनिक वियर बेचना शुरू किया । अभी देश में Mohey के 50 रिटेल स्टोर्स है तथा एथेनिक वियर में महिलाओं के लिए भी यह एक शानदार विकल्प के तौर पर उभरा है ।

अभी रवि मोदी ने आक्रामक व्यापारिक रणनीति को जारी रखते हुए 2019 में 1000 करोड़ टर्नओवर तथा 2021 में 2000 टर्नओवर का लक्ष्य रखा । इसके साथ ही देश और विदेश में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए 2021 तक कुल 1000 रिटेल स्टोर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है ।

( ये लेख इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार लिखा गया है, अगर आपको इस लेख में दिए गए तथ्यों या जानकारी से आपत्ति है तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर सुझाव दे ।)

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News Deskhttps://www.bepositiveindia.in
युवाओं का समूह जो समाज में सकारात्मक खबरों को मंच प्रदान कर रहे हैं. भारत के गांव, क़स्बे एवं छोटे शहरों से लेकर मेट्रो सिटीज से बदलाव की कहानियां लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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