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शिवांग वर्मा : पिता की नसीहतों पर चलकर विश्व की 10 प्रेरक हस्तियों में शामिल हुआ यह युवा, यूएन ने जारी की सूची

ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है…!

इस शेर को हकीकत में बदलने वाले लखनऊ के युवा शिवांग वर्मा ने अपने पिता और पर्यावरण संरक्षण के लिए सालों से जुटे नंदकिशोर वर्मा को अपनी प्रेरणा मानकर उनके मार्गदर्शन में पिछले 10 सालों से कार्य करते हुए ऐतिहासिक कीर्तिमान रच दिया है। उनका नाम यूनाइटेड नेशन द्वारा जारी सूची में विश्व की टॉप 10 प्रेरणादायक हस्तियों (युवाओं) में शुमार किया गया है।

बातचीत के दौरान शिवांग बताते हैं,“मेरे पिता सालों से जल संरक्षण और पर्यावरण को लेकर आमजन में जागरूकता के लिए काम कर रहे हैं। पिताजी का नाम लिम्का बुक में भी दर्ज है। उन्हें जलदूत कहकर संबोधित किया जाता है। यूएन एनवायरनमेंट डे हीरो का खिताब भी उनके नाम है।

मैंने अपने पिता द्वारा चलाए जा रहे संगठन ‛नीला जहान’ को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने में अपनी ओर से एक छोटी सी कोशिश की है।

यूनाइटेड नेशन द्वारा विश्व के 10 प्रेरणादायक युवाओं की सूची में शामिल होने के अलावा शिवांग ने जन जागरूकता के लिए भी कई कार्य किए हैं, जिनकी वजह से उनका नाम कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकार्ड्स में दर्ज है। इस उपलब्धि पर विश्व संसद के प्रेसिडेंट ने शिवांग की प्रशंसा की है।

14 साल की उम्र में जब बालिग होने की दहलीज पर खड़े बच्चे एन्जॉय मूड में होते हैं, शिवांग अपने पिता के साथ चिलचिलाती धूप में बाइक पर पेड़ लेकर बैठते थे। कड़ी धूप में वे स्कूल, कॉलेज, रेलवे स्टेशन सहित कई स्थानों पर पेड़ लगाने के साथ ही ‛जल चौपाल’ आयोजित करते हुए आमजन को जल का महत्व बता उनमें पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने का कार्य कर रहे थे। पिता पुत्र की इस जोड़ी का यह कार्य सालों से बदस्तूर जारी है।

जब उनके पिता लोगों को जागरूक करने के लिए बातें कर रहे होते थे, शिवांग पिता के बैग से जागरूकता से जुड़ी पत्रिकाएं और पैम्पलेट निकालकर लोगों में बांट रहे होते थे।

वे बताते हैं,“कुछ लोग इस सामग्री को पढ़ते तो कुछ हाथ में लेने के बाद उसे फेंक देते। मैं यह व्यवहार देखकर उदास हो जाता था। इस पर मेरे पिता मुझे समझाते कि ‛बेटा! तुम समुंदर की तरह बनने की कोशिश करो बेटा, तुम पर जितने कंकड़ फेंके जाएं, सबको लेते चलो और धरती मां को बचाने के लिए अपने इस प्रयास को अपनी पूरी ज़िन्दगी जारी रखो।

मैंने अपने पिता द्वारा सिखाई नसीहतों को हमेशा याद रखा। आज हम पिता-पुत्र की जोड़ी ने अपने ‛नीला जहान’ अभियान के जरिए 1,00,000 बच्चों और युवाओं को जल संरक्षण की शपथ दिलवाई है। 25 ग्राम पंचायतों में ‛जल चौपाल’ आयोजित करने के साथ ही 1000 परिवारों के घर जाकर जल का बजट बनाने, उसके संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाई है। जल संरक्षण के लिए की गई अब तक की सबसे ज़्यादा चली रथयात्रा का कार्य भी किया, जिसके लिए हमारे अभियान को ‛लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स‘ सहित कई राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।”

जब कोरोना जैसी भयावह महामारी का भारत में आगमन हुआ, तब शिवांग ने देखा की यदि इस महामारी को लेकर आमजन को जागरूक नहीं किया गया तो कई मासूम अपने अपनों को खो देंगे, कई जानें चली जाएंगी। उनके लिए यह भी सेवा का एक मौका था, जिसे उन्होंने हाथ से जाने नहीं दिया। लॉक डाउन जैसी स्थिति में भी उन्होंने वह कार्य कर दिखाया, जिसे कोई सोच भी नहीं सकता था। बहुत सोचने के बाद शिवांग ने इसकी भी जागरूकता फैलाने का निर्णय लिया।

बचपन से ही कला और ड्राइंग में होनहार रहे शिवांग ने जागरूकता फैलाने के लिए पेंसिल से स्केच बनाए। कोरोना से जुड़ी सभी जरुरी सावधानियां, हेल्पलाइन नंबर, कई सरकारी पोर्टल की जानकारीयां और कोरोना फाइटर्स को धन्यवाद ज्ञापन करते हुए 102 स्केच बनाए।

एक ई-पत्रिका के माध्यम से सोशल मीडिया, पुलिस स्टेशन, पोस्टल डिपार्टमेंट, यूनाइटेड नेशन और अन्य जगह भेजना शुरू किया, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को जागरूक किया जा सके।

धीरे-धीरे उनके स्केचों को पुलिस स्टेशन, पोस्टल डिपार्टमेंट, दवाखानों और दुकानों के बाहर चिपकाया जाने लगा। अब तक कोरोना की जागरूकता को लेकर एक साथ इतने स्केच नहीं बने थे। इस उपलब्धि के लिए शिवांग का नाम एशिया और इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में दर्ज किया गया।

शिवांग ने वैश्विक समस्याओं को लेकर अब तक 250 पिटीशन भी सिग्नेचर की हैं, जिसके लिए उन्हें ग्लोबल सिटीजन द्वारा ‛चैंपियन’ का ख़िताब भी मिल चुका है।

वे अब यूनाइटेड नेशन एनवायरनमेंट प्रोग्राम के सदस्य बन गए हैं। आगे भी वे वैश्विक समस्याओं और जल संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता को लेकर काम करते रहना चाहते हैं।

बी पॉजिटिव इंडिया’ पिता-पुत्र की इस जोड़ी द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की सराहना करते हुए इन पर्यावरण योद्धाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।

फेसबुक पर नंदकिशोर वर्मा से जुड़ने के अलावा उनसे बात (08090672021) भी कर सकते हैं। शिवांग वर्मा से भी (07905197217) पर बात की जा सकती है।

प्रस्तुति: मोईनुद्दीन चिश्ती(देश के वरिष्ठ लेखक- पत्रकार हैं और अपनी सकारात्मक लेखनी के लिए ख़ासे लोकप्रिय हैं)

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MOINUDDIN RBS CHISHTY
लेखक स्वतंत्र कृषि एवं पर्यावरण पत्रकार हैं। वे अपनी सकारात्मक लेखनी के लिए देशभर में लोकप्रिय हैं।

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