Home Start up स्मृति तोमर: बचपन से थी निवेश की आदत, आज वित्तीय प्रौद्योगिकी की...

स्मृति तोमर: बचपन से थी निवेश की आदत, आज वित्तीय प्रौद्योगिकी की दुनिया में हैं बड़ा नाम

देश की प्रगति तभी होगी, जब बेटियों के जीवन को गति मिलेगी। पढ़ेंगी, बढ़ेंगी और कीर्तिमान गढ़ेंगी। भारत की बेटियां यश के शिखर चढ़ेंगी…!

आज सफलता की इस कहानी में हम भारत की एक ऐसी बेटी स्मृति तोमर के बारे में जानेंगे जिन्हें उनके बचपन के शौक ने आगे चलकर कैरियर में बुलंदियां दीं। पाठकों की जानकारी के लिए बता दें कि गत वर्ष नवंबर में स्मृति की कंपनी ‛इन्वेस्टो एशिया’ (अब स्टेक फाइनेंस) को हांगकांग विज्ञान और प्रौद्योगिकी पार्क (एचकेएसटीपी) द्वारा भारत के प्रतिनिधित्व के लिए चुनी गई केवल 2 कंपनियों में से एक के रूप में चुना गया था।

16 जून, 1996 को मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में जन्मीं स्मृति ने इंजीनियरिंग में पढ़ाई की है। बचपन से अपनी वित्तीय रुचि के कारण उन्होंने 17-18 साल की उम्र से ही निष्क्रिय निवेश (पैसिव इन्वेस्टमेंट), सूचकांक निधि (इंडेक्स फण्ड) और ईटीएफ में निवेश करना शुरू कर दिया था। सिटी बैंक में उन्होंने सालभर के लिए नौकरी भी की। सितंबर 2018 में उन्होंने अपने एक स्टार्टअप की शुरुआत की, नाम रखा ‛इन्वेस्टो एशिया’।

इस कंपनी के माध्यम से वे लोगों को वित्तीय साक्षरता के बारे में जागरूक करने के साथ साथ एक ही छत के नीचे वित्त संबंधी सभी सुविधाएं भी उपलब्ध करवा रही हैं।

भारत और हांगकांग में पंजीकृत नासकॉम (NASSCOM) द्वारा भारत की शीर्ष 10 फिनटेक कंपनियों के रूप में उनकी कंपनी ‛इन्वेस्टो एशिया’ भी मान्यता प्राप्त कंपनी के रूप में दर्ज है। स्मृति ने पिछले साल 2019 में 3 से 30 नवम्बर तक हांगकांग में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है।

सच में यह प्रफुल्लित करने वाली ख़बर है, जब भारत की बेटियां हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही हैं, वहीं तोमर ने अर्थव्यवस्था की दुनिया में देश को सम्मान दिलवाया है।

बातचीत के दौरान स्मृति बताती हैं,“ इन्वेस्टो एशिया फिनटेक की दुनिया में एक क्रांति की तरह है, जहां हम उपयोगकर्ताओं के लिए व्यक्तिगत वित्त को पुनः परिभाषित कर रहे हैं। हमारा मानना है कि पैसा कमाना कठिन है, लेकिन इसे बढ़ाना और प्रबंधित करना मुश्किल नहीं होना चाहिए।

हमारा इन्नोवेशन बचत, निवेश, उधार लेने से लेकर खर्च करने तक, वित्त में सभी जरूरतों का एक समाधान है और सिर्फ यही नहीं, हम उपयोगकर्ताओं को आप स्वयं करो जैसा मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं, ताकि वे अपने वित्तीय जीवन का नियंत्रण अपने हाथ मे ले सकें।”

भारत में वित्तीय साक्षरता की दर 24% ही है…

वे बताती हैं कि हमारे देश में आज भी लोग वित्तीय साक्षरता जैसे सबसे ज्यादा अहम मुद्दे के प्रति जागरूक नहीं हैं। अमेरिका जैसे देश में 50% लोग वित्त या फाइनेंस को लेकर जागरूक हैं, हमारे देश में मात्र 24% लोग इसे समझते हैं।

वे वॉरेन बफेट को अपना आदर्श मानती हैं, जो कहते हैं कि आप कब तक कमाते रहोगे? एक दिन ऐसा आएगा जब आपकी एक्टिव इन्कम बन्द हो जाएगी लेकिन पैसिव इन्कम आगे चलकर आपका पैसा बढ़ाएगी। इस लिहाज से आपको पैसिव इन्वेस्टमेंट की ओर आज से, अभी से ही ध्यान देना शुरू करना चाहिए।

स्टॉक मार्केट कोई रॉकेट साइंस नहीं, जिससे डरा जाए…

आज भी एक वर्ग है जो स्टॉक मार्केट के नाम से सहम जाता है, बावजूद इसके भी भारतीय इसमें इन्वेस्ट करते हैं। स्मृति आपको इन्वेस्ट करने के लिए नहीं कहतीं, पर इतना तो कहती ही हैं कि आप ट्रेडिंग तो करें ही। अपना पैसा मैनेज करने के लिए बहुत दिक्कतें आती हैं। क्रेडिट कार्ड, लोन, बैंकिंग सर्विसेज जैसी सुविधाएं अलग-अलग संस्थाओं से ली जाती हैं और उन्हें सहेजने में ही हम उलझे रहते हैं।

उनकी कंपनी ‛इन्वेस्टो एशिया’ ने सारी बैंकिंग सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाकर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है।

आर्थिक विकास के नए मुहावरे गढ़ने वाली भारत की इस बेटी से उनके फेसबुक पर जुड़ने के अलावा फोन पर (08839200341) पर इस संबंध में जानकारी हासिल की जा सकती है।

प्रस्तुति: मोईनुद्दीन चिश्ती (देश के वरिष्ठ लेखक- पत्रकार हैं और अपनी सकारात्मक लेखनी के लिए ख़ासे लोकप्रिय हैं)

Avatar
MOINUDDIN RBS CHISHTY
लेखक स्वतंत्र कृषि एवं पर्यावरण पत्रकार हैं। वे अपनी सकारात्मक लेखनी के लिए देशभर में लोकप्रिय हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

डॉ पाराशर: जिनके हाथों में जादू है, 2-3 दिन में गायब हो जाता है बरसों पुराना दर्द !

हमारे देश भारत में आचार्य चरक, महर्षि सुश्रुत, नागार्जुन, पाणिनी और महर्षि अगस्त्य जैसे विद्वान हुए हैं जिन्होंने आयुर्वेद और चिकित्सा...

आयुर्वेदनामा: अपनी सुगंध से आपको खींचता है ‛लेमन बेसिल’

आयुर्वेदनामा में आज हम लेमन बेसिल के बारे में जानेंगे। लेमन बेसिल को सुगंधित नींबू बेसिल भी कहा जाता है। नींबू तुलसी...

आयुर्वेदनामा: अत्यंत गर्म और तीखे स्वभाव की वनस्पति ‛चित्रक’

आज आयुर्वेदनामा में हम चित्रक के बारे में जानकारी हासिल करेंगे जो मुख्य रूप से पहाड़ी स्थानों व जगलों में पाया जाने...

कैरियर लैब: जनसहयोग से ले रही है आकार, ग्रामीण परिवेश के बच्चें भरेंगे उड़ान !

आपने लैब के बारे में तो अवश्य ही सुना होगा। अस्पतालों में भी जांच करने के लिए लैब या लैबोरेटरी होती हैं।...

ऋचा और फ़ाएज़: कॉफ़ी ही नहीं पिलाते, युवाओं को मंच भी प्रदान करते हैं

यह कहानी है जोधपुर में रहने वाली महिला उद्यमी ऋचा शर्मा की, जिन्हें बचपन से किताबों से लगाव था। बातचीत के दौरान...