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‘हेल्पिंग हेंडस’ के जरिए ‘सुरभि’ कर रही बेजुबानों की सेवा, पानी, चारे और दवाईयों का भी किया बंदोबस्त

अपने लिए जियें तो क्या जियें, कभी दूसरो के लिए जी कर तो देखो कितनी खुशी मिलती हैं.

कोरोना वायरस के वैश्विक संकट की इस आपातकालीन स्थितियों में उक्त पंक्तियों को सार्थक कर दिखाया है उत्तराखण्ड के ऋषिकेश एम्स मे नर्सिंग ऑफिसर सुरभि रावत नें। जिन्होंने लाॅकडाउन के दौरान एक ओर जहां अपनी कोरोना वाॅरियर की जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया तो वहीं दूसरी ओर बेजुबान जानवरों की मददगार बनकर उनकी निस्वार्थ सेवा भी कर रही है।

सुरभि नें अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ‘हेल्पिंग हेंडस‘ समूह बनाकर बेजुबान जानवरों की सेवा करने का जिम्मा लिया। समूह से जुड़े सभी सदस्यों द्वारा आपसी सहयोग से धनराशि एकत्रित करके 70 से अधिक जलकुंडी बनाये गये। इन जलकुंडी को सुरभि नें जौलीग्रांट पेट्रोल पंप से लेकर रानी पोखरी थाना, ढालवाला थाना, भरत विहार, आवास विकास, आम बाग, वीरभद्र सहित अन्य स्थानों पर लगाये।

‘हेल्पिंग हैंड्स’ के सदस्य जलकुंडी में पानी भरते हुए

इन जलकुंडी में पानी भरा गया ताकि बेजुबान जानवरों को इस गर्मी में पीने के लिए पानी मिल सके। इन जलकुंडी में पानी भरने की जिम्मेदारी हेल्पिंग हेंडस समूह से जुड़े सदस्यों और स्थानीय लोगों को दी गयी। इसके अलावा बेजुबान जानवरों के लिए विभिन्न जगहों पर चारे का बंदोबस्त भी किया गया और घायल जानवरों उनका उपचार करके उन्हें दवाइयां भी दी।

गौरतलब है कि सुरभि रावत मूल रूप से उत्तराखंड के पौडी जनपद की निवासी है और वर्तमान में एम्स ऋषिकेश में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। सुरभि के पिताजी सत्येन्द्र सिंह रावत, पूर्व सैनिक हैं जबकि माँ बीना रावत एक गृहणी हैं। अपने भाई बहिनों में सबसे बड़ी सुरभि को बचपन से ही बेजुबान जानवरों खासतौर पर गायों से लगाव था।

अपने साथियों के साथ सुरभि रावत

सुरभि को इन बेजुबानों की सेवा करना बेहद अच्छा लगता है। इसलिए कोरोना काल में सुरभि नें बेजुबानों की सेवा करने का जिम्मा लिया। सुरभि रावत के हेल्पिंग हेंडस की इस मुहिम में उनके नर्सिंग सहयोगी सुरेश सोनी, गौरव शर्मा, आकाश जोशी, संतोष फरस्वाण, अंकुर भट्ट, सीमा, आंचल सहित अन्य लोग बखूबी साथ दे रहें हैं।

लॉकडाउन के दौरान एक तरफ जहां जनमानस को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी तरफ पशु-पक्षियों के समक्ष भी बड़ा संकट आ गया है।

ऐसे में सुरभि रावत की हेल्पिंग हेंडस के जरिए बेजुबान जानवरों की सेवा करना न केवल अनुकरणीय है अपितु प्रेरणादायक भी। सभी लोगों को सुरभि के इस निस्वार्थ सेवा भाव से सीख लेने की आवश्यकता है।

बेज़ुबान जानवरों की प्यास बुझा रही हैं सुरभि

हमारी ओर से सुरभि और उनकी पूरी हेल्पिंग हेंडस टीम को ढेरों बधाइयाँ। आशा और उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में आपका ये मिशन लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।

संजय चौहान
संजय चौहान
संजय चौहान उत्तराखंड से हैं और पॉजिटिव जर्नलिज्म के लिए जाने जाते हैं.

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