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विजय जिन्दल चैरिटेबल ट्रस्ट’ ने लॉकडाउन में सैकड़ों परिवारों को पहुंचाए ‛अन्नपूर्णा किट’

दुनियाभर में भीषण रूप से कहर बरपा रहेकोरोना वायरसने देश मेंलॉकडाउनकरवा दिया है जिसके चलते हजारों हज़ार रोजीरोटी के मोहताज हो गए हैं। दिहाड़ीमजदूरी करते हुए अपने घरों के चूल्हे जलाने वालेअसंख्य मजदूर आज अचानकबेरोजगार हो गए हैं।

ज़रूरतमंद व्यक्तियों को राशन किट वितरण करते संस्था का सदस्य

अप्रत्याशित रूप से लागू हुए इसलॉकडाउनने निर्धन परिवारों को कोई इंतजामबंदोबस्त करने का मौका ही नहीं दिया और हालात ऐसे बन गए कि उनके सामने दूसरेही दिन रोटी का संकट खड़ा हो गया।

ऐसी प्रतिकूल परिस्थितियों में भी श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर सेवारतविजय जिन्दल चैरिटेबल ट्रस्टने भूखों का पेट भरने का बीड़ा उठाया और अब तक ट्रस्ट द्वारा ऐसे सैकड़ों प्रभावित परिवारों तक अन्नपूर्णा किट (खाद्य सामग्री) पहुंचाई जा चुकी है।

ट्रस्ट के संस्थापकअध्यक्ष और वरिष्ठ समाजसेवी विजय जिन्दल बातचीत के दौरान बताते हैं,“रोज कमाकर घर चलाने वालों के लिए यह आपदा सबसे ज्यादा कष्टदायी है, जिनके पास घर में रसद सामग्री का स्टॉक के बराबर है। आमतौर पर ये लोग शाम को दिहाड़ी या मजदूरी से लौटते वक्त ही अपने परिवार के लिए सब्जीराशन लेकर घर जाते हैं।लॉकडाउनमें कामधंधे बंद हुए तो इन्हें दिहाड़ी मिलना भी बंद हो गई।

संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष विजय जिंदल

सेवाकार्यों में हमेशा अग्रणी रहीविजय जिन्दल चैरिटेबल ट्रस्टने इनकी मजबूरी परेशानी को समझते हुए तत्काल अन्नपूर्णा किट तैयार करवाए और जरूरतमंद परिवारों को चिह्नित कर वितरण कार्य शुरू कर दिया।

इस अन्नपूर्णा किट में आटा, दाल, चावल, तेल, नमकमिर्च, मसाले, चीनी, चायपत्ती आदि जरूरत कीसभी खाद्य सामग्री को शामिल किया गया है, ताकि ये परिवारलॉकडाउनका पालन करते हुए घर में रहकर दो वक्त की रोटी खा सकें।

हालांकि इस क्षेत्र में अनेक सामाजिक संस्थाएं कई परिवारों को पका हुआ भोजन भी पहुंचा रही हैं, लेकिन राशन सामग्री पहुंचाकरविजय जिन्दल चैरिटेबल ट्रस्टने यह प्रयास किया कि सभी लाभान्वित परिवार अपनीअपनी सुविधा जरूरत अनुसार इसका उपयोग कर सकें।

संस्था के सदस्य ज़रूरतमंदो को राशन वितरण करते हुए

ट्रस्ट की सचिव श्रीमती सुरेखा सचदेवा के अनुसार करीब छह माह पूर्व गठित यह संस्था यूं तो पर्यावरण संरक्षण, खेलों को बढ़ावा, बेटी बचाओबेटी पढ़ाओ जैसे परम्परागत सामाजिक उद्देश्यों को लेकर आगे बढ़ रही थी। वैश्विक स्तर परकोरोनाजैसी महामारी के प्रकोप के बीच जब हमारे देश मेंइस आपदा का असर नजर आने लगा तो सभी पदाधिकारियों सदस्यों के साथ चर्चा कर इस मुसीबत की घड़ी में सेवा का फर्ज निभाने का निर्णय लिया गया।

इसके लिए जिला प्रशासन को हर संभव सहयोग का विश्वास दिलाते हुए सबसे पहले प्रभावित परिवारों के लिए राशन सामग्री की व्यवस्था की गई।

प्रस्तुति: मोईनुद्दीन चिश्ती (लेखक स्वतंत्र कृषि एवं पर्यावरण पत्रकार हैं। वे अपनी सकारात्मक लेखनी के लिए देशभर में लोकप्रिय हैं)

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MOINUDDIN RBS CHISHTY
लेखक स्वतंत्र कृषि एवं पर्यावरण पत्रकार हैं। वे अपनी सकारात्मक लेखनी के लिए देशभर में लोकप्रिय हैं।

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